फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: सिस्टम की चुप्पी... रिसते चैंबर से धंस गया भरोसा

Sun, 07 Sep 2025 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
कुल्लू के अखाड़ा बाजार में भूस्खलन में दबे कशमीरी की तलाश में जुटी एनडीआरएफ की टीम।-संवाद
विज्ञापन
पानी की उचित निकासी न होने से खतरे में अपर सुल्तानपुर, इनर अखाड़ा बाजार की बड़ी आबादी
विज्ञापन

लोग बोले- अवैज्ञानिक तरीके से किया गया निर्माण भी बना भूस्खलन का कारण
आरोप... प्रशासन और नगर परिषद से कई बार उठाया मामला, आश्वासन ही मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जहां घरों की नींव हो, वहां जब जमीन कांपने लगे तो डर सिर्फ भूकंप का नहीं होता, डर उस सिस्टम का होता है जो सालों से आंखें मूंदे बैठा है। कुल्लू के अपर सुल्तानपुर और इनर अखाड़ा बाजार की गलियों में रिसता हुआ सीवरेज अब एक चेतावनी बन चुका है।
जल निकासी की नाकामी और अवैज्ञानिक निर्माण ने इन इलाकों को भूस्खलन के कगार पर ला खड़ा किया है। लोग थक चुके हैं गुहार लगाते-लगाते और प्रशासन चुप्पी साधे रहा। अब सवाल यह नहीं कि खतरा कब आएगा, सवाल यह है कि क्या अब भी कोई जागेगा? रिसते सीवरेज चैंबर और पानी की उचित निकासी न होने से बड़ी आबादी खतरे में है।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों ने कहा कि वे सालों से नगर परिषद और प्रशासन से आग्रह करते रहे कि यहां पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाए और रिसते हुए सीवरेज चैंबर को ठीक किया जाए लेकिन किसी ने नहीं सुनी। आज अपर सुल्तानपुर के साथ इनर अखाड़ा बाजार का वजूद खतरे में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां अवैज्ञानिक तरीके से निर्माण हुआ है। यह भी भूस्खलन का बड़ा कारण बना है।
सुल्तानपुर निवासी महिमन चंद्र ने कहा कि क्षेत्र में क्षमता से अधिक निर्माण हुआ है। पानी की उचित निकासी नहीं है। इस कारण बारिश के दिनों में पानी हर जगह रिसता गया। इससे क्षेत्र धंसने और खिसकने के कगार पर पहुंचा है। इससे सिर्फ अपर सुल्तानपुर ही नहीं, मठ के अलावा क्षेत्र की अधिकतर बस्ती खतरे में पड़ गई है।
विज्ञापन


रास्ते बनाए, पानी की निकासी के प्रबंध नहीं किए

हैरानी की बात है कि क्षेत्र में चलने के लिए रास्ते और सड़क भी बनाई है लेकिन इसमें पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध नहीं किया गया है। सारा पानी रिसता गया और जमीन ढीली पड़ती गई। आलम यह है कि करीब दो सौ मीटर के दायरे में पांच जगह भूस्खलन हो रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें