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Kullu News: वादों की सुरक्षा दीवार अधूरी, फिर डरा रहा बाढ़ का खौफ

Sat, 14 Feb 2026 10:15 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू-मनाली वामतट स्थित छरूडू में आश्वासन के बाद भी नहीं लगी सुरक्षा दीवार
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लोग बोले- पिछले साल ब्यास नदी की बाढ़ में तिनके की तरह बह गए थे 6 मकान
कुल्लू-मनाली वामतट सड़क भी नहीं हो पाई दुरुस्त, डंगे लगाने का काम भी धीमा
अमीं चंद भंडारी

खराहल (कुल्लू)। जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर कुल्लू-मनाली वामतट स्थित छरूडू में वर्ष 2025 में आई आपदा ने कहर बरपाया था। ब्यास नदी का रुख मुड़ने से छह मकान तिनके की तरह बह गए थे।
इसके बाद प्रशासन और सरकार ने सुरक्षा दीवार लगाने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक सुरक्षा दीवार नहीं लगी है। कुल्लू-मनाली वामतट सड़क पर वाहन तो चल रहे हैं लेकिन इसे भी अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। घरों की ओर सुरक्षा दीवार न लगने से प्रभावितों को एक बार फिर बाढ़ का डर सता रहा है।
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गौर रहे कि सड़क के किनारे आरसीसी डंगे का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। 26 अगस्त 2025 को ब्यास नदी में आई बाढ़ को प्रभावित आज तक नहीं भूले हैं। छरूडू के समीप लुगडभट्ठी में छह मकान बह गए थे। कई दुकानें भी बाढ़ की चपेट में आने से नदी में बह गई थीं। लोगों का कहना है कि छरूडू में सुरक्षा दीवार नहीं लगने से वाम तट के बाशिदों को बाढ़ का डर है। ग्रामीण हीरालाल, चमन ठाकुर, महेंद्र ,नीना, उत्तम पराशर, आरएस भंडारी, अनिश ठाकुर, मुनीश और जयचंद आदि ने कहा कि अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नही हो पाया है। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राइट बैंक के साथ लगते क्षेत्र में दीवार लगने से वामतट में ब्यास नदी के नुकसान का और बढ़ गया है। आपदा के छह महीने बाद प्रभावित सरकार और प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हैं कि सुरक्षा दीवार लगाने के बाद वे चैन की नींद ले सकेंगे।


प्रभावितों की तमाम समस्याओं को प्रशासन और सरकार गंभीरता से ले। छरूडू नामक स्थान पर सुरक्षा दीवार का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर तुरंत किया जाए। - पूर्व प्रधान, निर्मला ठाकुर
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सुरक्षा दीवार न लगने से दुकानों, रेस्तरां और मकानों को बाढ़ का खतरा है। सड़क की हालत भी इस स्थान पर दयनीय बनी हुई है। आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। - देवराज नेगी, ग्रामीण
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