आठ बीटों पर बेटे संभालेंगे कमान, वर्दी पहनने के लिए नियुक्ति पत्र का इंतजार
गोंधला का परिणाम रुका, कोकसर, मूलिंग और उड़गोस से नहीं आया कोई आवेदन
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल वन मंडल की 25 में से 17 वन बीटों में बेटियां जंगलों के साथ वन संपदा और वन्य जीव-जंतुओं की सुरक्षा की कमान संभालेंगी। पिछले दिनों वन मित्र भर्ती के परिणाम घोषित होने के बाद बेटियों को नियुक्ति पत्र का इंतजार है। हालांकि, आठ बीटों में युवक वन मित्र बने हैं।
गौर रहे कि लाहौल वन मंडल में कुल 29 वन बीटों पर वन मित्र की भर्ती होनी थी। कोकसर, मूलिंग और मयाड़ घाटी की उड़गोस वन बीट पर किसी भी उम्मीदवार ने आवेदन नहीं किया था। गोंधला बीट का अंतिम परिणाम स्पष्टीकरण के पेच में फंसा है। मूलिंग वन बीट देश-दुनिया के लिए मिसाल है। यहां करीब चार दशक से महिला मंडलों की पाबंदी के चलते वन कटान तो दूर सूखी लकड़ी लाने पर भी पाबंदी है। लाहौल के महिला मंडल जंगलों की सुरक्षा की पहल करते हैं। इसी राह पर चलते हुए अब बेटियां भी वनों की सुरक्षा के लिए वर्दी पहनने के लिए आतुर हैं। पहली बार 17 बेटियां वन मित्र में एक साथ वर्दी पहनकर जंगलों की सुरक्षा में तैनात होंगी। लाहौल में बेटा-बेटी को एक समान नजरिये से देखा जाता है। प्यूकर गांव एक मिसाल है, यहां बेटे के जन्म पर ही नहीं बेटी की जन्म पर भी गोची उत्सव की धूम रहती है।
वनमंडलाधिकारी लाहौल अनिकेत मारुति वानवे ने कहा कि 25 में से 17 वन बीटों पर बेटियों का वन मित्र के लिए चयन हुआ है। गोंधला बीट का परिणाम लंबित है। कोकसर, मूलिंग और उड़गोस में किसी ने भी आवेदन नहीं किया था।
यहां बेटियां होंगी वन मित्र
फुंचोग डोलमा केलांग, देचेन पलमो स्तींगरी, टशी छोमो क्वारिंग, शिवानी चोखंग, प्रांजल शांशा, सुनैना जोबरंग, पेमा यूरोन करपट, प्रियंका उदयपुर, सुरेखा मड्ग्रां, मीनाक्षी सलपट, भावना त्रिलोकनाथ, सविता बरदंग, ईशा सिंदवाड़ी, पूजा सलग्रां, निशा राणा कुरचेड़,आयुषा तांदी बीट से वन मित्र होंगी।