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Kullu News: मनमर्जी से बढ़ा दिए रेत-बजरी के रेट, नहीं दिया जा रहा एम-फार्म

Wed, 12 Mar 2025 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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टिपर यूनियन ने उपायुक्त तोरुल एस रवीश से मुलाकात कर सौंपी शिकायत
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कहा, एम-फार्म न देने से सरकार को लग रहा है राजस्व का चूना

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में क्रशर मालिक मनमानी पर उतर गए हैं। मनमर्जी से रेत-बजरी के दाम बढ़ा रहे हैं। यह आरोप टिपर यूनियन ने उपायुक्त तोरुल एस रवीश से हुई मुलाकात के दौरान लगाए हैं।
द हिल वैली टिपर ऑनर्स यूनियन का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने लिखित शिकायत में कहा कि क्रशर मालिक मनमर्जी से रेत-बजरी के रेट बढ़ा रहे हैं। इसके बाद एम-फार्म नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते सरकार को भी सीधे तौर पर चूना लगाया जा रहा है।
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यूनियन के अध्यक्ष जगदीश पाल ने बताया कि रेत-बजरी का एम-फार्म न देने से टिपरों का चालान किया जा रहा है। बताया कि पहले ही रेत-बजरी के दाम मनमर्जी से बढ़ा दिए गए हैं। एम फार्म मांगा जाता है ताे उसके लिए भी इंकार किया जा रहा है। जबरदस्ती एम-फार्म देने पर भी एक-दो एम फार्म 200 रुपये प्रति मीट्रिक टन का अतिरिक्त वसूल रहे हैं। अध्यक्ष जगदीश पाल ने बताया कि एम फार्म न होने से पुलिस, वन और खनन विभाग ने टिपर चालकों के चालान काटे हैं।

रेट पर कोई चैक नहीं
उपायुक्त को उन्होंने बताया कि क्रशर मालिक रेट अपनी मर्जी से बढ़ा रहे हैं। इस पर भी कोई चेक नहीं है। 23 नवंबर, 2023 को रेत 21.33 रुपये, बजरी 18.67 रुपये प्रति घन फीट थे। अगले दिन 24 नवंबर को रेत 35.33 और बजरी 33.33 रुपये प्रति घन फीट कर दिया गया। इसके बाद 1 मार्च 2025 को फिर रेट बढ़ाकर रेत 38.67 और बजरी 36.67 रुपये प्रति घन फीट कर दिया। एम-फार्म का अतिरिक्त मीट्रिक टन लिया जा रहा है। दूसरे जिलों में यह रेट बहुत कम है।
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सप्ताह का अल्टीमेटम दिया
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में समस्या हल नहीं की गई तो 20 मार्च के बाद वे अपने टिपर उपायुक्त कार्यालय के बाहर मैदान में खड़े कर देंगे और चाबियां उपायुक्त को सौंप देंगे। उधर, उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने उन्हें समस्या हल करने का आश्वासन दिया है।
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