पर्यटन कारोबार से जुड़े युवाओं के टेंट हटाने के विरोध में होगा धरना-प्रदर्शन
टेंट हटाने की वन विभाग की कार्रवाई को युवाओं को खदेड़ने की कोशिश बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। रघुपुरगढ़ में पर्यटन कारोबार से जुड़े युवाओं के टेंट हटाने को लेकर क्षेत्र की जनता गुस्से में है। 17 मई को रघुपुर क्षेत्र के युवा और महिला मंडल सरकार और वन विभाग के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
धरने में फनौटी, लगौटी, टकरासी, करशैईगाड़ के साथ कराड़ पंचायतों के युवा और महिला मंडल शामिल होंगे। हाईवे-305 पर रोजगार न छीनने की मांग को लेकर स्थानीय युवा जलोड़ी दर्रा में प्रदर्शन करेंगे। युवाओं ने कहा कि रघुपुरगढ़ को किसी पूंजीपति के हाथ में दिया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय युवाओं के टेंट हटाकर उन्हें खदेड़ने की कोशिश की जा रही है।
रघुपुर इको टूरिज्म सोसायटी के अध्यक्ष उगम राम ठाकुर, विजय ठाकुर, जगदीश ठाकुर, सुनील कुमार, बिट्टू सिंह, पवन कुमार और राजेश और अनिल कुमार ने कहा कि पर्यटन सीजन के बीच इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। वन विभाग पुलिस को साथ लेकर रघुपुरगढ़ में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े युवाओं को जबरदस्ती हटा रहा है। उनके टेंटों को उखाड़ा जा रहा है। यह उनके हक की लड़ाई है। एक तरफ सरकार सूबे की 77 चिह्नित इको टूरिज्म साइटों को विकसित करने की बात करती है, दूसरी तरफ रघुपुरगढ़ में कारोबार करने वाले युवाओं को खदेड़ा जा रहा है।
बीते वीरवार को रघुपुर में हंगामे के बाद से वन विभाग और रघुपुरगढ़ में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े युवा आमने-सामने हो गए हैं। वन विभाग की कार्रवाई से युवाओं के साथ रघुपुर घाटी की जनता में रोष है। उधर, इस शांतिपूर्ण धरने को लेकर प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट हो गई है।