मनाली। माता हिडिंबा मंदिर परिसर ढूंगरी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा शुक्रवार को श्रद्धा के साथ समाप्त हो गई। कथा के अंतिम दिन कथा व्यास शशांक कृष्ण कौशल ने कुल्लवी भजन देवी महामाइये माता हिडिंबा तेरी जय जयकारा... गाकर माहौल को भक्तिरस में डुबो दिया। उन्होंने कथा के दौरान धर्म, मानव जीवन और तीर्थों की मर्यादा पर प्रकाश डाला। श्रद्धालुओं से धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कहा कि मनुष्य को जीवनभर धर्म के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए, क्योंकि अंत समय में न धन, न परिवार और न ही कोई संबंध साथ जाता है, केवल धर्म ही मनुष्य का सच्चा साथी बनकर परलोक तक साथ जाता है। कथा व्यास ने भांवरी अवतार का प्रसंग भी सुनाया। कहा कि तीर्थ और मंदिर केवल दर्शन के स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा, अनुशासन और आत्मचिंतन के केंद्र हैं।
मंदिरों में सदैव श्रद्धा, शालीनता और अनुशासन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने गायत्री मंत्र के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कहा कि इसके नियमित जप से मन, बुद्धि और आत्मा की शुद्धि होती है। शनिवार को महायज्ञ की पूर्णाहुति, कन्या पूजन तथा भंडारे का आयोजन होगा। संवाद