कुल्लू के लगघाटी में स्थित बढ़ई-बागन-पीज रोड़ पर हुए सड़क हादसे में आठ घायल और तीन की मौत हो
कुल्लू। लगघाटी के जोखू नाला के पास हुए वीरवार को हुए हादसे के घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पहुंचाया गया लेकिन यहां अव्यवस्थाओं ने उनके मर्ज को और बढ़ा दिया। ट्रामा सेंटर में घायलों को करीब ढाई घंटे तक सही ढंग से उपचार नहीं मिला। घायल तड़पते रहे, इस बीच एक घायल महिला की मौत भी हो गई। जीप दुर्घटना के सभी 10 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। ट्रामा सेंटर में एक ही चिकित्सक होने से उपचार में परेशानी आई।
वीरवार दोपहर करीब एक बजे काहिका मेले में भाग लेने जा रहे बेधार निवासियों की जीप जोखू नाला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर आसपास के लोगों ने तुरंत घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एक चिकित्सक मौजूद थे। घायलों की हालत गंभीर थी, इस कारण सभी का उपचार करने में दिक्कतें आईं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी हादसे और चिकित्सकों की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। अस्पताल से डॉक्टर रेजिडेंस भी करीब 150 से 200 मीटर की दूरी पर है बावजूद 3:30 बजे के बाद टीम पहुंची। उसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी पहुंचे लेकिन ढाई घंटे तक घायल दर्द से कराहते रहे। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया है जबकि अन्य का उपचार किया जा रहा है।
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संस्थाओं के स्वयंसेवियों ने संभाला मोर्चा
अस्पताल में कार सेवा दल, मल्ला साथी ट्रस्ट और अन्नपूर्णा के स्वयं सेवियों ने सड़क हादसे के घायलों के उपचार में मदद की। उन्होंने मरीजों को एंबुलेंस निकालने के अलावा ट्राॅमा की माइनर ओटी, एक्सरे और सीटी स्कैन लैब तक पहुंचाया।
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स्ट्रेचर की खली कमी
अस्पताल के ट्राॅमा ओपीडी में घायलों और मरीजों को एंबुलेंस से ओपीडी तक लाने के लिए स्ट्रेचर की कमी भी खली। सड़क हादसे के घायलों और सामान्य मरीजों को ओपीडी तक लाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्ट्रेचर की कमी होने से मरीजों को एंबुलेंस में ही कुछ समय इंतजार करना पड़ा।
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