लोग बोले- आम जनता के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा को निशुल्क करे प्रदेश सरकार
कहा- पहले बस किराये में की बढ़ोतरी, अब पर्ची शुल्क लगाकर डाला जेब पर बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लोग इसी उम्मीद के साथ अस्पताल आते हैं कि उन्हें मुफ्त स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। इसके लिए भले ही इलाज मिलने में देरी हो और बार-बार अस्पताल आना पड़े, लेकिन सरकार ने गरीब तबके के लोगों का दर्द और बढ़ा दिया है।
जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में उपचार करवाने के लिए आ रहे मरीजों से पर्ची शुल्क लिया जा रहा है। इसका लोग विरोध भी कर रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि सरकार पर्ची शुल्क वसूलकर जरूरतमंद लोगों और गरीबों के साथ खिलवाड़ कर रही है। पहले बस किराये में भारी बढ़ोतरी कर दी और अब पर्ची शुल्क वसूला जा रहा है। इसका सीधा तौर पर असर गरीबों पर ही पड़ रहा है।
मरीज शांतनू, बुधराम, सौरव, मोनिका, अंशिका, कांता देवी, देवी और संजना ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में आकर पता चला कि अब पर्ची बनाने के लिए भी 10 रुपये देने पड़ेंगे। इसके लिए पंजीकरण काउंटर पर सूचना भी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में अधिक संख्या गरीब तबके के मरीजों की होती है। वे इसी उम्मीद से आते हैं कि उन्हें दर्द नहीं रहना पड़ेगा। सरकार उनका निशुल्क उपचार करवा रही है, लेकिन वर्तमान सरकार गरीब लोगों को कुचलने पर उतारू हो गई है। सरकार आम लोगों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को निशुल्क करे।
सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर शुल्क लेना गरीबों का शोषण है। गरीब परिवारों के मरीज ही सरकारी अस्पतालों में आते हैं। सुविधा संपन्न लोग निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क करनी चाहिए। - मीरा आचार्य, नग्गर
सरकार मध्यम वर्ग और गरीबों का शोषण कर रही है। सरकार हर क्षेत्र में कोई न कोई जनविरोधी निर्णय लेकर जनता को दिक्कतों में डाल रही है। सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य की निशुल्क व्यवस्था करे, जिससे हर वर्ग शिक्षित हो और निरोग रहे। -विशाल निवासी, कुल्लू
कुल्लू अस्पताल में पर्ची बनाने के लिए लगी लाइनें।-संवाद