The freight increased by Rs 10 per crate before the apple season
कुल्लू। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर सेब सीजन के बीच बागवानों पर पड़ा है। जिले में सब्जी मंडी का भाड़ा प्रति क्रेट पांच से 10 रुपये तक बढ़ाया गया है। भाड़े में 10 रुपये तक इजाफा होने से अब बागवानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने के लिए और भी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
पिछले साल 20 किलोमीटर दूर सब्जी मंडी तक प्रति क्रेट किराया 30 रुपये था, जो अब प्रति क्रेट 40 रुपये चुकाने होंगे। ऐसे में सब्जी मंडी की एक गाड़ी में 80 क्रेट का किराया पहले 2400 रुपये बनता था। यह अब 800 रुपये अधिक हो गया और अब यह 3200 रुपये चुकाने होंगे। हालांकि सब्जी मंडी का भाड़ा लोकल एरिया में पांच से दस किलोमीटर के दायरे में 10 से 20 रुपये तक ही लिया जा रहा है। 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में 40 रुपये प्रति क्रेट के हिसाब से लिया जा रहा है। जिला कुल्लू की ऊझी घाटी, खराहल, लगघाटी सहित अन्य क्षेत्रों में 50 फीसदी से अधिक सेब मालवाहक वाहनों के माध्यम से मंडियों तक पहुंचता है। जिन बागवानों के लिए सब्जी मंडी दूर पड़ती है, उन पर भाड़ा बढ़ने से मार पड़ी है। वर्ष 2020 में जिले में करीब 60 प्रतिशत सेब स्थानीय मंडियों के माध्यम से ही बिका था। 40 प्रतिशत सेब कुल्लू से दिल्ली की आजादपुर सब्जी में जाकर बिका। बागवान डीआर ठाकुर, नरेश कुमार, रविंद्र सिंह और चमन ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद इस बार किराये में इजाफा हुआ है। सब्जी मंडी का भाड़ा दस रुपये तक बढ़ गया है। इससे बागवानों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। हिमाचल किसान सभा के प्रदेश सह सचिव होतम सौंखला ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से किसानों-बागवानों पर सबसे अधिक मार पड़ी है। मंडियों में किसानों को फसलों के दाम उचित नहीं मिल रहे हैं। यातायात का खर्चा बढ़ने से किसानों की जेब ढीली होगी।