निजी या सरकारी भवनों में कक्षाएं लगाने से पहले सुरक्षा को लेकर जांच करेंगे जेई
सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने पर ही दी जाएगी कक्षाएं लगाने की अनुमति
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिन बच्चों को कल पढ़ाई करनी थी, आज वे अस्थायी छतों के नीचे बैठने को मजबूर हैं। अब शिक्षा विभाग ने तय किया है कि कोई भी भवन जिसमें कक्षा लगाई जानी है, वह पहले सुरक्षित साबित होना चाहिए।
इसके लिए विभागीय इंजीनियर जांच करेंगे कि क्या भवन भूकंप, बारिश और भूस्खलन जैसी आपदाओं के लिहाज से उपयुक्त है। यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब जिले में 150 से अधिक स्कूल भवन बारिश की मार झेल चुके हैं। जिले में बारिश के कारण 150 से अधिक प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भवनों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने शिक्षा विभाग को नियमित कक्षाएं सुरक्षित जगहों पर लगाने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग भी स्कूल प्रबंधन समिति के सहयोग से सरकारी या निजी भवनों में कक्षाओं की व्यवस्था कर रहा है। ये भवन विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित हैं या नहीं, इसकी पहले जांच की जाएगी। विभाग के कनिष्ठ अभियंता भवन का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद ही कक्षाएं लगाई जाएंगी। विभाग पहले विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।
उधर, गुणवत्ता शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. सुनील दत्त ने कहा कि जिले के सातों शिक्षा खंडों में विद्यालय भवनों को नुकसान पहुंचा है। रोजाना किसी न किसी खंड से नुकसान की सूचना मिल रही है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सरकारी और निजी भवनों में कक्षाएं लगाने का प्रयास जारी है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पहले भवनों का कनिष्ठ अभियंता निरीक्षण करेंगे।
बढ़ सकता है क्षतिग्रस्त भवनों का आंकड़ा
उपमंडल कुल्लू, बंजार, नग्गर, आनी और निरमंड में अभी कई ऐसे स्थान भी हैं जहां नेटवर्क न होने से रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। ऐसे में क्षतिग्रस्त भवनों का आंकड़ा बढ़ सकता है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बंजार और कुल्लू में अधिक विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने से नुकसान हुआ है।