आग पर काबू पाने के लिए पांच घंटे चल जद्दोजहद, पैदल गांव पहुंची दमकल विभाग की टीम
आसपास के लोग भी मदद को दौड़े, सर्द रातों में बेघर हुआ एक और परिवार
आग की चपेट में दो मकान और देवता का भंडार आने के बाद गांव में शोक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पार्वती घाटी के डढेई गांव में आधी रात को अचानक उठी आग की लपटों के बीच अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते दो मकान और देवता का भंडार आग की चपेट में आ गए। आग पर काबू पाने के लिए करीब पांच घंटों तक जद्दोजहद चलती रही। आसपास के गांवों के लोग भी देर रात को आग पर काबू पाने के लिए मौके पर दौड़े। पेयजल सप्लाई की मेन लाइन की सहायता से आग पर काबू पाया गया।
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 1:30 बजे डढेई गांव में श्याम सुंदर के मकान में आग भड़क गई। साथ लगते प्यारे लाल के मकान में परिवार के लोग सोए हुए थे। आग लपटें उठता देख परिवार के लोग सबसे पहले अपनी जान बचाकर घरों से बाहर निकले। आग इतनी तेजी से दूसरे मकान की ओर आई कि सामान निकालने का समय नहीं बचा।
रात के 2:00 बजे तक मकान की चपेट में देवता अठाहर पेड़े का भंडार भी आ गया। वहीं, साथ लगते एक मकान को भी क्षति पहुंची। आग की चपेट में और मकान भी आ सकते थे। आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल की टीम पैदल चलकर डढेई गांव पहुंची। गांव तक सड़क न होने के कारण दमकल वाहन का भी मौके पर पहुंचना मुश्किल था। दमकल विभाग की ने पानी की मेन लाइन की सहायता से आग पर काबू पाया। सोमवार सुबह 7:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।
खास बात यह रही कि जैसे ही आसपास गांव के लोगों को आग की सूचना मिली तो वे आधी रात ही आग पर काबू पाने के लिए दौड़े। आग की घटना के बाद प्यारे लाल के परिवार के पांच सदस्य खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। सर्द रातों के बीच अब उनके पास रहने के लिए कोई आशियाना नहीं बचा है। सोमवार सुबह से लेकर शाम तक लोगों का आग की स्थिति का जायजा लेने के लिए आने का सिलसिला जारी रहा। ग्राम पंचायत पुंथल में डढेई वार्ड की पंच मीना देवी ने कहा कि गांव तक सड़क नहीं निकल पाई है, ऐसे में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बरहाल डढेई गांव में आग की चपेट में दो मकान और देवता का भंडार आने के बाद शोक की लहर है।
मणिकर्ण घाटी के ढडेई गांव में मकान में लगी आग को बुझाने में जुटे फायर कर्मी।-संवाद
मणिकर्ण घाटी के ढडेई गांव में मकान में लगी आग को बुझाने में जुटे फायर कर्मी।-संवाद