उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। एचआरटीसी की दिल्ली-केलांग-लेह बस सेवा मंगलवार से शुरू होगी। करीब 990 किलोमीटर लंबे इस सफर में बस ऊंचे पहाड़ी दर्रों और दुर्गम रास्तों से होकर लेह पहुंचेगी। सैलानियों के लिए यह सफर रोमांच से भरा रहेगा। लगभग 16,040 फीट ऊंचा बारालाचा-ला दर्रा और लद्दाख की सीमा के साथ सटा करीब 14,500 फीट सरचू पास पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। साथ ही 15,547 फीट ऊंचाई पर स्थित नकीला पास रोमांच का एहसास दिलाएगा।
लेह से पहले पड़ने वाला तंगलंग ला लगभग 17,480 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसे दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल पास में से एक माना जाता है। दिल्ली से लेह तक इस लंबे सफर का किराया 1839 रुपये निर्धारित किया गया है। करीब चार दर्रों से गुजरने वाली इस बस में यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
ऑक्सीजन की कमी के चलते स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। ऐसे में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एहतियात के तौर पर बस में ऑक्सीजन सिलिंडर भी रखा जाता है। निगम के अनुभवी चालकों के अनुसार यह रूट काफी कठिन है। ऊंचाई और खराब मौसम के कारण वाहन चलाने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। बावजूद चालक वर्षों से इस मार्ग पर सुरक्षित सेवाएं दे रहे हैं। संवाद