मनाली। देवी-देवताओं के देवालयों की ओर लौटने के साथ ही ऐतिहासिक ढूंगरी मेले का समापन हो गया है। मंगलवार को देवी-देवता अपने-अपने देवालयों के लिए लौट गए। अब अगले साल ऐसा अलौकिक नजारा देखने को मिलेगा। ढूंगरी मेले को मिनी दशहरा के नाम से जाना जाता है। तीन दिन ढूंगरी और दो दिन ओल्ड मनाली में मेले का आयोजन किया जाता है।
इस वर्ष ओल्ड मनाली मेले में माता हिडिंबा, मनु ऋषि के अलावा कंचन नाग, वीरनाथ, शांडिल्य ऋषि, शिरघन नाग, घटोत्कच्छ, जमलू देवता और देवी संध्या गायत्री पहुंचे। मंगलवार को माता हिडिंबा से मिलने पहुंचे अधिकतर देवी-देवता अपने देवालयों की ओर लौट गए। कुछ अभी भी मनाली में ही रुके हैं। माता हिडिंबा के कारदार रघुवीर नेगी ने बताया कि ढूंगरी मेला धूमधाम के साथ संपन्न हो गया है। सैकड़ों लोगों ने मेले में देवी-देवताओं के दर्शन किए और सुख समृद्धि की कामना की। संवाद