उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जाहलमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तैयार किए गए अस्थायी मार्ग को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 94 आरसीसी ने और अधिक सुरक्षित एवं मजबूत बना दिया है। नाले में बढ़ते जलस्तर और वाहनों के फंसने की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
94 आरसीसी के ओसी मेजर पारस ने बताया कि नाले पर ह्यूम पाइप बिछाए गए हैं, जिनके माध्यम से पानी का बहाव पाइपों के अंदर से निकाला जा रहा है। इनके ऊपर मिट्टी डालकर वाहनों की आवाजाही के लिए नया मार्ग तैयार किया गया है। पिछले कुछ दिनों से जाहलमा नाले में दोपहर बाद बर्फ पिघलने के कारण जलस्तर बढ़ रहा था। ऐसे में विशेषकर दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए नाला पार करना जोखिम भरा हो जाता था। कई बार वाहन बीच रास्ते में फंसने और तकनीकी खराबी की शिकायतें भी सामने आई थीं।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब पानी का बहाव वाहनों की आवाजाही में बाधा नहीं बन रहा है और यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। स्थानीय वाहन चालकों और यात्रियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। बीआरओ अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुधार कार्य भी किए जाएंगे। संवाद