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अल्जाइमर में सोचने, समझने की क्षमता होती है क्षीण : हेमा

Mon, 11 Nov 2024 09:48 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू मेंं गांधी नगर में हेल्पेज इडिया संस्था के ​शिविर में भाग लेते बुजुर्ग।-संवाद
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कुल्लू। बुजुुर्गों में पाई जाने वाली बीमारियों में अल्जाइमर और डिमेंशिया सबसे आम हैं। इनमें याददाश्त, सोचने और व्यवहार से जुड़ीं समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
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अल्जाइमर बीमारी की चपेट में ज्यादातर 65 साल या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग आते हैं। डिमेंशिया मस्तिष्क के सही तरीके से काम न करने की स्थिति में होने वाली समस्याओं को कहते हैं। डिमेंशिया से पीड़ित लोगों के संज्ञान में कमी आ जाती है। सरल शब्दों में कहें तो दोनों बीमारियों में सोचने और समझने की क्षमता क्षीण हो जाती है। यह बात क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की डॉ. हेमा शर्मा ने कही।
जिला मुख्यालय स्थित गांधी नगर में हेल्पेज इंडिया संस्था ने बुजुर्गों के लिए मानसिक स्वास्थ्य विषय पर जागरूकता कार्यक्रम करवाया। इसमें क्षेत्रीय अस्पताल की डॉ. हेमा शर्मा और जिला रेडक्रॉस सोसायटी की पुनर्वास मनो वैज्ञानिक अनिता देवी मुख्य वक्ता रहीं। अनिता ने बुजुर्गों को मनोविज्ञान के माध्यम से स्वस्थ रहने और मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूक किया। उन्होंने बुजुर्गों से तनाव मुक्त जीवन यापन करने की बात कही। हेल्पेज हेल्पेज इंडिया संस्था के राज्य प्रमुख डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय की इस भाग-दौड़ के बीच देश के 30 फीसदी लोग मानसिक परेशानी की चपेट में हैं। संस्था लोगों को इस समस्या से बाहर निकालने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रही है। ऐसे में जिला कुल्लू में भी बुजुर्गों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम करवाया गया।
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