गोसदन भी आधुनिक सुविधाओं से होगा लेस, घायल पशुओं को भी मिलेगा उपचार
नगर परिषद कुल्लू के नाम हुई हनुमानी बाग और लंकाबेकर के बीच 10 बीघा जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। नगर परिषद के वार्ड नंबर नौ में हनुमानी बाग और लंकाबेकर के बीच 10 बीघा भूमि नगर परिषद के नाम दर्ज हो गई है। इस जमीन पर संचालित हो रहा गोसदन आने वाले समय में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
इसमें लावारिस और घायल पशुओं के पालन-पोषण से लेकर उपचार की व्यवस्था होगी। ब्यास नदी से सटे क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए जलशक्ति विभाग सुरक्षा दीवार भी लगाएगा। पहले से चल रहे गोसदन में मवेशियों को रखने के लिए एक अन्य शेड भी तैयार किया है। इसमें प्राथमिक तौर पर पशुओं के उपचार के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। आने वाले समय में इन सुविधाओं को आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण करने की योजना है। नगर परिषद ने जमीन अपने नाम करने का प्रस्ताव बनाया था। इसे प्रशासन ने वन विभाग से मिलकर सिरे चढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि वर्तमान में गोसदन संस्था के माध्यम से चलाया जा रहा है। नगर परिषद इसका संचालन करने के लिए धन उपलब्ध करवाती है। संस्था इसका संचालन कर रही है। लंकाबेकर और हनुमानीबाग के साथ लगता यह क्षेत्र ब्यास नदी से सटा है। बरसात के दिनों में नदी का पानी गोसदन में आ जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जलशक्ति विभाग ब्यास के किनारे सुरक्षा दीवार लगाकर गोसदन क्षेत्र को सुरक्षित करेगा।
सड़कों पर भटक रहे मवेशियों को मिलेगा सहारा
गोसदन में सुविधाएं जुटने के बाद सड़क पर भटक रहे और घायल होने वाले मवेशियों को उपचार के साथ सहारा मिलेगा। वर्तमान में भी यहां 130 से अधिक मवेशी रखे गए हैं। आने वाले समय में उपचार से संबंधित आधुनिक सुविधाएं जुटाने की योजना है।
नगर परिषद कुल्लू ने 10 बीघा जमीन उनके नाम करने का प्रस्ताव बनाया था। इसके चलते जमीन उनके नाम कर दी गई है। -एंजल चौहान, वनमंडलाधिकारी, कुल्लू
गोसदन चलाने के लिए नगर परिषद को दस बीघा जमीन मिल गई है। आने वाले समय में इस गोसदन को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू