कुल्लू। एक अगस्त 2024 को आई आपदा के बाद भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे मलाणा गांव को अब तार स्पेन से राहत मिलेगी। 2500 की आबादी वाले गांव में अब राशन की आपूर्ति नेपाली मजदूरों की पीठ की जगह तार स्पेन के जरिये शुरू होने वाली है। इससे मलाणा गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
सर्दियों के मद्देनजर मलाणा के लोग तीन से चार महीने का राशन एक बार में ही खरीद रहे हैं। भारी बर्फबारी के चलते सर्दियों में यह क्षेत्र बाहरी दुनिया से कट जाता है। मलाणा गांव को जोड़ने वाली सड़क पिछले साल आई आपदा के बाद 15 महीनों से बंद है। ऐसे में तार स्पेन के जरिए राशन आपूर्ति शुरू होने से गांववालों को बहुत सहूलियत मिलेगी।
तार स्पेन के जरिये बुधवार को मलाणा गांव के लिए करीब 40 क्विंटल राशन भेजा जाएगा। करीब तीन गाड़ियों में यह राशन भरा है और इसे गांव में पहुंचाने के लिए तार स्पेन के ठेकेदार से पहले ही संपर्क कर लिया गया है। गांव के लोगों के लिए खुशी की बात यह है कि पहले 30-40 किलो का बोझ मलाणा तक पहुंचाने में 1500 रुपये तक का खर्च आता था, जो अब घटकर सिर्फ 25-30 फीसदी रह गया है।
पहले राशन मलाणा पावर प्रोजेक्ट-1 के डैम से मजदूरों के माध्यम से पहुंचता था। आपदा के बाद टमाटर और प्याज जैसे जरूरी सामान 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक बोझ सहना पड़ा। हालांकि, तार स्पेन की सुविधा शुरू होने से अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और गांववालों को राहत मिल रही है।
तार स्पेन लगने से काफी राहत मिलेगी। तीन महीनों से ग्रामीणों का सारा राशन और सामान नेपाली मजदूर पीठ पर ढो रहे थे। इसके बदले में ग्रामीणों को भारी भरकम राशि अदा करनी पड़ रही थी।
-राजू राम, प्रधान, ग्राम पंचायत मलाणा।
ग्रामीणों ने बिना मशीनों से बना डाला था अस्थायी हेलीपैड
आपदा के बाद ग्रामीणों ने राशन गांव तक पहुंचाने के लिए पहाड़ी वाली जगह को बिना किसी मशीन की सहायता से खोदकर समतल कर डाला था। करीब एक सप्ताह तक पूरे गांव के लोग अस्थायी हेलीपैड बनाने में जुटे रहे और जगह को समतल कर अस्थायी हेलीपैड बनाया था। लेकिन जब हेलीकॉप्टर यहां आया तो तकनीकी कारणों से यहां नहीं उतर पाया था। इसके बाद तार स्पेन मलाणा के लिए लगा।