कुल्लू में पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से और तेज होगी मरीजों की पहचान
अस्पतालों के नहीं कटेंगे चक्कर, जिले के राज्य स्तर से मिली मशीन
राजीव नैय्यर
कुल्लू। टीबी उन्मूलन की दिशा में कुल्लू जिला एक नई तकनीकी छलांग लगाने जा रहा है। अब मरीजों को एक्स-रे के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिये जांच सीधे उनके घर-द्वार पर होगी।
इससे क्षय रोग की पहचान पहले से कहीं ज्यादा तेज और सटीक हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग को पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन मिलने से क्षय रोग (टीबी) की जांच और तेज होगी। जिले में राज्य स्तर से यह मशीन भेजी गई है। मशीन को इंस्टॉल भी कर दिया है। इससे घर-घर जाकर टीबी की जांच तेज की जाएगी।
बता दें कि विभाग ने जिले में टीबी उन्मूलन अभियान के तहत 72,511 लोगों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली है। अब इन मरीजों के एक्स-रे करने का लक्ष्य रखा गया है। पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन इसमें सहायक सिद्ध होगी।
यह मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लेस है जो एक्स-रे रिपोर्ट का विश्लेषण कर सटीक और त्वरित परिणाम देती है। इससे टीबी की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान संभव हो सकेगी। मरीजों को तत्काल चिह्नित करने के लिए राज्य स्तर से जिले को यह अत्याधुनिक एक मशीन उपलब्ध करवाई गई है ताकि टीबी की समय पर पहचान कर रोग के प्रसार को रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर मशीन को मरीज के घर स्वास्थ्य शिविरों और विशेष जांच शिविरों में तक ले जाया जा सकता है।
उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन मिली है। एक और मशीन जल्द मिलने वाली है। इसमें प्राथमिकता उन जगहों को दी जाएगी जहां टीवी के मरीजों के मिलने की उम्मीद है।
मशीन में यह है खास
ये एक्स-रे डिवाइस छोटी, पोर्टेबल और बैटरी से चलने वाली होती है। इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इस मशीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होता है जिससे टीबी का संक्रमण तुरंत पहचाना जा सकता है। मशीन क्लाउड स्टोरेज और टेली-रेडियोलॉजी की सुविधा देती हैं जिससे विशेषज्ञ चिकित्सक कहीं से भी रिपोर्ट देख सकते हैं।