ऊझी घाटी के चुनाव बहिष्कार को लेकर हिमांचल टैक्सी अॅापरेटर यूनियन भी ऊझी घाटी के लोगों के समर्थन में उतर गई है। एनजीटी के समक्ष सरकार द्वारा सही तरीके से पक्ष न रखे जाने के कारण ऊझी घाटी के लोगों को रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
रोहतांग में एनजीटी की ओर से हर प्रकार की पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के कारण आज ऊझी घाटी के नौ गांवों के लगभग एक हजार परिवारों की रोजी रोटी छिन गई है। नौ गांवों के लोगों का कहना है कि सरकार सही प्रकार से एनजीटी में स्थानीय लोगों का पक्ष नहीं रख रही है। इसके चलते लोगों को रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। टैक्सी यूनियन के महासचिव मकर ध्वज शर्मा ने बताया कि सोमवार को टैक्सी यूनियन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर के सभी सदस्य पंचायत चुनावों का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने बताया कि यही नहीं, वह गांव-गांव जाकर लोगों को बताएंगे कि सरकार एनजीटी में स्थानीय लोगों का पक्ष सही तरीके से नहीं रख रही है, जिस कारण आज मनाली के पर्यटन व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचा है।
लोगों को रोजी-रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। मनाली से नग्गर और कटराईं तक किसी न किसी तरीके से पर्यटन से जुड़े लोगों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है जो, भविष्य के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर पंचायत चुनावों में भाग नहीं लेंगे तथा अन्य लोगों को भी चुनाव में भाग न लेने के लिए प्रेरित करेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले पांच महीनों से रोहतांग पर पर्यटन गतिविधियों पूरी तरह से बंद हैं, जिसके चलते मनाली के पर्यटन व्यवसायियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। वहीं, दूसरी ओर विधायक गोविंद सिंह ठाकुर और कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेश्वर सिंह ने भी इस बार धर्मशाला में विधानसभा के दौरान एनजीटी का मुद्दा जोरशोर से उठाने की बात कही है।