बोले- दीपक प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता ने दिया है भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। सामरिक लिहाज से महत्वपूर्ण संसारी-किलाड-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी) सड़क मार्ग के 25 किमी हिस्से में करीब 35 साल बाद टारिंग का काम शुरू होगा। उदयपुर से तांदी के बीच सड़क बनने के बाद आज तक कभी भी सड़क पर टारिंग नहीं हुई है।
इस कारण इस बीच सफर करना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अब सीमा सड़क संगठन ने प्राथमिकता के आधार पर 25 किमी के दायरे में सड़क पर टारिंग करने के संकेत दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा एसटी मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जवाहर शर्मा ने बीआरओ दीपक प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता राजीव कुमार से शिमला में मुलाकात की।
140 किमी लंबी एसकेटीटी सड़क हिमाचल के लाहौल और पांगी किलाड क्षेत्र को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड से जोड़ती है। यह सड़क किश्तवाड़ के पत्नीटॉप में पठानकोट-श्रीनगर हाईवे से जुड़ता है। सीमा सड़क संगठन के 94 आरसीसी के पास इस सड़क का जिम्मा है। जवाहर शर्मा ने कहा कि साल 2024 के सितंबर महीने में राजीव कुमार ने बतौर दीपक प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता का पदभार संभाला है। कहा कि उनकी तैनाती के बाद एसकेटीटी सड़क निर्माण कार्य में तेजी आई है। जवाहर शर्मा ने कहा कि उदयपुर-तिंदी के बीच करीब 25 किमी के दायरे में लगभग 35 सालों से टारिंग नहीं हुई है। टारिंग की मांग को लेकर उन्होंने शिमला में मुख्य अभियंता से मुलाकात की। जवाहर शर्मा ने कहा कि राजीव कुमार ने उदयपुर-तिंदी सड़क के बीच प्राथमिकता के आधार पर जल्द टारिंग करने का भरोसा दिया है।