टकरासी में देवता की प्रतिष्ठा को लेकर हुई बैठक में भाग लेते कारकून व हारियान। स्त्रोत कारकून
कुल्लू। देवता टकरासी नाग 20 नवंबर को लाव-लश्कर के साथ ठारवी गांव से टकरासी में बने नए मंदिर में आएंगे। 21 नवंबर से देवता के मंदिर में पूजा, पाठ और मंत्रोच्चारण के साथ हवन और यज्ञ शुरू हो जाएंगे।
इसमें रघुपुरघाटी के देवता खुडीजल और व्यास ऋषि सहित करीब 20 देवी-देवता भी भाग लेंगे। यह सिलसिला लगभग 22 दिन तक चलता रहेगा।
सोमवार को टकरासी मंदिर में देवता के हारियान क्षेत्र के लोगों की अहम बैठक हुई। इसके लिए बनी कमेटियों से देव कारज को लेकर फीडबैक ली गई। इस दौरान गठित कमेटियों को जिम्मेदारियों भी सौंपी गईं। देवता खुडीजल के कारदार एवं पूज कमेटी के अध्यक्ष शेर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान प्रतिष्ठा में आने वाले मुख्य अतिथियों का स्वागत, देवी-देवताओं का स्वागत, भोजन बनाने, सुरक्षा सहित कई अन्य कमेटियों को उनकी जिम्मेदारी दी गई। इन लोगों को 21 नवंबर से अपना-अपना काम देखने को कहा गया। नाग के कारदार अमर सिंह और सलाहकार लीला प्रसाद ने कहा कि देवता टकरासी नाग के मंदिर की प्रतिष्ठा का समय आ गया है। इसका देवता नाग के हारियानों, कारकूनों और देवलुओं के साथ रघुपुर की जनता को बेसब्री से था। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रतिष्ठा को लेकर खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि देवता टकरासी नाग 20 नवंबर को अपने देवालय ठारवी से नवनिर्मित मंदिर में विराजमान होंगे। देवता का कारज भव्य और सफल हो, इसके लिए सभी तरह की तैयारियों को पूरा कर दिया है।