मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जिले के तीर्थ स्थलों पर सैकड़ों लोगों ने पवित्र स्नान किया। इसे लोगों की आस्था कहें या फिर दृढ़ विश्वास। भारी ठंड के बावजूद लोगों ने तीर्थ स्थलों पर जाकर पवित्र स्नान किया। धार्मिक नगरी मणिकर्ण, वशिष्ठ, खीर गंगा, क्लाथ सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर भारी ठंड के बावजूद लोगों ने पवित्र स्नान किया। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में मकर संक्रांति पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली।
मणिकर्ण में सुबह होने से पहले ही पवित्र स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था। पर्यटन नगरी मनाली के वशिष्ठ, क्लाथ और खीरगंगा में भी गर्म पानी के बीच लोगों ने डुबकी लगाई। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के कई शारीरिक रोगों से मुक्ति मिल जाती है। मणिकर्ण में पवित्र स्नान आए बालक राम, तुआरू राम, नत्थी देवी और पुष्पा देवी ने बताया कि मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र स्नान का जिक्र धार्मिक ग्रंथों में भी है।
पवित्र स्नान के बाद देवी-देवताओं की होने वाली पूजा फलदायी साबित होती है। मणिकर्ण में राम मंदिर कमेटी के प्रधान देवकीनंदन शर्मा ने कहा कि मकर संक्रांति पर मणिकर्ण सहित जिले के अन्य तीर्थ स्थानों में सैकड़ों लोगों ने पवित्र स्नान किया। मणिकर्ण में भी पवित्र स्नान का सिलसिला सुबह से लेकर शाम तक चलता रहा। उन्होंने कहा कि लोगों ने ठंड के बावजूद तीर्थ स्थलों पर पवित्र स्नान किया है।