कुल्लू। जिला कुल्लू के कई हिस्सों में अभी तापमान शून्य से नीचे चल रहा है। कई जगह पेयजल स्रोत जम चुके हैं। जलशक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन भी जम चुके हैं और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे ग्रामीणों को शून्य से दो डिग्री नीचे यानी माइनस दो डिग्री तापमान में पानी के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
जिला कुल्लू के दुर्गम क्षेत्र तीन कोठी सराज की टील पंचायत में पिछले एक माह से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। खासकर पिछले नौ दिनों से तो गांवों में लगे नलकों से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। इससे ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कड़ाके की ठंड में माइनस तापमान के बीच पानी ढोना बेहद मुश्किल हो रहा है।
तेजा ठाकुर, दलीप सिंह, बेली राम, कृष्ण और नीटू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जलशक्ति विभाग द्वारा डिमनचैहड़ी-चंडीदेवी उठाऊ पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन पिछले एक महीने से इसमें पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। उन्हें तीन किलोमीटर दूर धुराड़ा से जीप के जरिए और दो किलोमीटर दूर नवाश जंगल में स्थित प्राकृतिक जलस्रोत से पानी लाना पड़ रहा है।
खासकर टील, टील-दो, खरमाड़ा, झमाच, बछूट और गाड़ा के ग्रामीण सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कभी तीन दिन तो कभी पांच दिन बाद नलों में पानी आता है। इससे उनकी परेशानी लगातार बनी हुई है। कुछ लोग मजबूरी में निजी पाइपलाइन के सहारे पानी ला रहे हैं, जबकि अन्य को दूर-दराज से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। तेजा ठाकुर ने कहा कि गांव के कुछ लोग तीन किलेामीटर दूर धुराड़ा से पानी जीप में ला रहे है। यहां पर एक व्यक्ति ने निजी पाइप लाइन से पानी लाया है।
उधर, जलशक्ति विभाग बंजार के सहायक अभियंता भूपेंद्र पाल ठाकुर ने बताया कि यह क्षेत्र छाया वाला इलाका है और सर्दियों में यहां बर्फबारी होने के कारण तापमान माइनस चला जाता है। इससे गांवों में बिछाई गई पाइपलाइन जम जाती है। हर साल सर्दी के मौसम में दो से तीन माह तक यही स्थिति बनी रहती है। हालांकि, विभाग की उठाऊ पेयजल योजना पूरी तरह से सुचारू है, लेकिन ठंड के कारण पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है।
टील पंचायत के ग्रामीण धुराड़ा गांव में पानी भरते हुए। -स्रोत : जागरूक