कार्यक्रम में प्रस्तुति देते विदेशी कलाकार। -संवाद
नग्गर/पतलीकूहल। (कुल्लू)। नग्गर स्थित रोरिक ट्रस्ट में बुधवार को रूस के महान कलाकार और पुराविद् निकोलस रोरिक के छोटे बेटे रूसी-भारतीय चित्रकार स्वेतोस्लाव रोरिक की 120वीं जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम की शुरुआत कृष्णा मंदिर ठावा के पुजारी द्वारा पूजा-अर्चना से की गई।
कार्यक्रम की मुख्यातिथि आईसीआर मास्को की उपाध्यक्ष नतालिया चरकशीना रहीं, जबकि उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस. रवीश भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। रोरिक आर्ट गैलरी के सामने ध्वजारोहण किया गया। इसमें भारत का ध्वज उपायुक्त तोरुल एस. रवीश और रूस का ध्वज नतालिया चरकशीना ने फहराया। इस दौरान रूस की कलाकार लोला लोनली की चित्र प्रदर्शनी को सभी ने सराहा।
उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से भारत और रूस के संबंध और प्रगाढ़ होते हैं तथा दोनों देशों की संस्कृतियों का आदान-प्रदान बढ़ता है। इस दौरान हेलेना रोरिक अकादमी के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वहीं, रशियन ग्रुप तमारा मरज के नेतृत्व में रशियन नृत्य प्रस्तुत किया गया।
इसके अलावा भारत और रूस के कलाकारों ने स्थानीय हस्तशिल्प और सामान की प्रदर्शनी भी लगाई। कार्यक्रम में भारतीय क्यूरेटर सुरेश कुमार नड्डा और रशियन क्यूरेटर लारिसा सुरगिना भी उपस्थित रहे।