जिला के विभिन्न भागों में मंगलवार रात्रि को तेज आंधी-तूफान से खूब कहर बरपाया है। तूफान से करीब एक दर्जन से अधिक घरों की छतें उड़ गईं। रैला पंचायत के प्राइमरी स्कूल भूपन की भी छत उड़ने से इलाके के लोग सहमे हुए हैं। तूफान से सैंज और बंजार क्षेत्र में नुकसान पहुंचा है। मंगलवार रात को तेज बारिश के साथ हुए आंधी-तूफान से सैंज घाटी की अति दुर्गम क्षेत्र शांघड में करीब आधा दर्जन रिहायशी मकानों में लगी चादर की छतें उखड़ गई हैं।
इसमें दीलू राम गोष्ठी, गिरधारी लाल शर्मा पटाहरा, प्रभात कुमार, पृथी सिंह, मान चंद और जीत राम गांव धारा लपाह के घरों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, उपमंडल बंजार के कई क्षेत्रों में भी आंधी-तूफान से भारी नुकसान हुआ है। ग्राम पंचायत श्रीकोट और कलवारी में कई घरों की छतों को नुकसान पहुंचा है। ग्राम पंचायत कलवारी के प्रधान गणदेव मियां ने बताया कि कलवारी महिला मंडल भवन भारी बारिश और आंधी से क्षतिग्रस्त हो गया है। रभीं गांव के फतेह चंद की गौशाला की छत, लाल सिंह, केहर सिंह, हरमेश लाल गांव कलवारी के घरों की छतें भी उखडने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि संबंधित तहसीलदार को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए जाएंगे। नियमावली के तहत पीड़ित लोगों की आर्थिक मदद की जाएगी।