रोहतांग इन दिनों सैलानियों की खास जगह बना हुआ है। मैदानी इलाकों में जहां तापमान 45 डिग्री से ज्यादा है, वहीं, यहां आकर सैलानियों को गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
गर्मियों में बर्फ के बीच मौज मस्ती करने वालों को इस बार प्रशासन कई सहूलियतें प्रदान करने जा रहा है। रोहतांग जाने के लिए एक यूजर को केवल एक ही परमिट जारी किया जाएगा। रोहतांग परमिट को लेकर प्रशासन इस बार कड़े नियम तय करने जा रहा है। नई वेबसाइट में कई सख्त नियमों का प्रावधान किया जा रहा है। जिससे पारदर्शिता लाई जा सके और शातिरों पर शिकंजा कसा जा सके। विश्व विख्यात पर्यटन नगरी मनाली के रोहतांग दर्रा में बर्फ के दीदार के लिए सीजन के दौरान लाखों सैलानी यहां पहुंचते हैं। रोहतांग दर्रा जाने के लिए रोजाना 1200 वाहनों की सीमा तय की गई है। जिसके लिए ऑनलाइन परमिट जरूरी है। तीन दिन पहले होने वाली परमिट बुकिंग ऑनलाइन होती है। चंद घंटों में ही परमिट खत्म हो जाते हैं। जिसके कारण बाहरी राज्यों से मनाली पहुंचने वाले पर्यटकों को अधिक रुपये देकर परमिट के साथ रोहतांग जाना पड़ता है। एक साथ अधिक गाड़ियों के लिए परमिट लेकर कुछ लोग बाद में पर्यटकों से रोहतांग जाने के लिए अधिक किराया वसूलते हैं, लेकिन इस बार एक यूजर केवल एक ही परमिट बुक करवा सकेगा।
वेबसाइट में लॉग इन आईडी का प्रावधान किया जाएगा। लॉग इन आईडी से बुक परमिट को लेकर जानकारी भी रहेगी। नए नियमों के तहत परमिट समय के हिसाब से उपलब्ध रहेंगे। साथ ही एक यूजर को एक परमिट मिलेगा। जिससे पर्यटकों समेत अन्य के लिए परमिट उपलब्ध रहेंगे। परमिट के गुलाबा बैरियर में स्कैन होने के बाद ही रोहतांग दर्रा तक पहुंचा जा सकेगा। प्रशासन लगातार वेबसाइट में नई सुविधाएं लाने का प्रयास कर रहा है और वेबसाइट का ट्रायल ले रहा है। जिससे बुकिंग के दौरान पर्यटकों को दिक्कतें पेश न आएं। गर्मियों में मनाली पहुंच रहे देश-विदेश से पर्यटकों की पहली पसंद रोहतांग दर्रा बताई जाती है। देशभर में चिलचिल्लाती गर्मी से निजात पाने के लिए ठंडी वादियों में पहुंचे पर्यटक बर्फ से खेलने को उत्सुक रहते हैं। रोहतांग दर्रा में बर्फ की दीवार देखने के लिए हर कोई बेचैन रहता है, लेकिन एनजीटी के आदेशानुसार तय सीमा तक ही वाहन रोहतांग जा सकते हैं। रोहतांग में बर्फ के दीदार के लिए पर्यटक समेत अन्य कई जुगाड़ लगाते हैं। फर्जी परमिट के कई मामले हर बार सीजन में सामने आते हैं। स्कैन कापी, पेट्रोल की जगह डीजल परमिट समेत अन्य कई फर्जी परमिट औचक निरीक्षण में पकड़े जाते हैं। इन पर रोकथाम के लिए ही प्रशासन अब सख्त नियम बना रहा है।