पतलीकूहल पंचायत का फैसला ... बहिष्कार के साथ छीनी जाएंगी सभी सुविधाएं
व्यापार मंडल, महिला मंडलों और पंचायत ने सराहा फैसला, बैठक भी की
संवाद न्यूज एजेंसी
पतलीकूहल (कुल्लू)। चिट्टा के नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए पतलीकूहल पंचायत ने कड़ा फैसला लिया है। पंचायत ने घोषणा की है कि चिट्टे का नशा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और उन्हें मिलने वाली सभी पंचायत सुविधाएं छीन ली जाएंगी।
इस सिलसिले में पतलीकूहल व्यापार मंडल, महिला मंडलों और पंचायत ने एक बैठक भी की है।
इंदिरा महिला मंडल, नीलकंठ युवक मंडल, वैष्णवी सहायता समूह और व्यापार मंडल पतलीकूहल ने इस फैसले का समर्थन किया है। अभियान को आगे बढ़ाने के लिए मोर्चा संभाला है। पतलीकूहल बाजार और आसपास के क्षेत्र वासियों को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके किराएदार चिट्टे के नशे के कारोबार से जुड़े न हों और चिट्टा (नशीला पदार्थ) का सेवन न करते हों। अगर किसी किराएदार के नशे से जुड़ा होने की जानकारी मिलती है तो मकान मालिक को उसे कमरा या दुकान खाली करने के लिए कहना होगा।
सभी संगठनों के प्रतिनिधि पंचायत प्रधान सीमा की अगुवाई में पुलिस थाना पतलीकूहल पहुंचे और पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की। इसके साथ ही, चिट्टे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के लिए पुलिस और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करने पर जोर दिया गया।
अभियान को और तेज करने की तैयारी
व्यापार मंडल पतलीकूहल के अध्यक्ष अर्जुन देव गौतम तथा पंचायत प्रधान सीमा देवी ने संयुक्त बयान में कहा कि आने वाले दिनों में नशे के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। आशियां सामाजिक संगठन के अध्यक्ष संजय अंगरूप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ मिलकर नशे के अड्डों पर छापेमारी भी की जाएगी।
पतलीकूहल थाना प्रभारी रजत ठाकुर ने कहा कि चिट्टे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस समाज के सहयोग से सख्त कार्रवाई करेगी और इस दिशा में सफलता मिलेगी। यह फैसला नशे के खिलाफ एक बड़ी पहल है।