कुल्लू। जिला कुल्लू की सड़कों पर लावारिस पशु हादसों का कारण बन रहे हैं। बजौरा से मनाली, भुंतर-मणिकर्ण, सैंज और बंजार तक की सड़कें बेसहारा पशुओं से भरी पड़ी हैं। बिजली महादेव मार्ग पर भी ये पशु दिन-रात घूमते रहते हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है।
सड़क पर बैठे ये लावारिस पशु हॉर्न बजाने पर भी नहीं हटते। इससे कई बार चालकों को खुद वाहन से उतरकर उन्हें हटाना पड़ता है। कुछ पशु राहगीरों पर हमला कर उन्हें चोटिल भी कर देते हैं। लावारिस पशुओं के कारण वाहन चालकों को सतर्कता से वाहन चलाना पड़ता है। फिर भी कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान अभी तक होता नहीं दिख रहा है।
भुंतर सब्जी मंडी, हाथीथान फोरलेन पुल, सरवरी बस स्टैंड और अखाड़ा बाजार के पास ये पशु बड़ी संख्या में हैं। खासकर सब्जी की दुकानों और ढाबों के बाहर बेसहारा पशु डेरा डाले रहते हैं। भुंतर में सब्जी मंडी के पास बेसहारा पशुओं की भरमार रहती है। इसके साथ हाथीथान में फोरलेन पर बने पुल के आसपास भी पशुओं का झुंड देखा जा सकता है।
जिला मुख्यालय कुल्लू की बात करें तो सरवरी बस स्टैंड के साथ अस्थायी मार्केट में सब्जी की दुकानों के आसपास दिनभर बेसहारा पशु मंडराते रहते हैं। अखाड़ा बाजार की मुख्य सड़क में बेसहारा पशुओं के कारण स्थानीय लोगों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि जिले में कई संस्थाएं बेसहारा पशुओं की सेवा के लिए काम कर रही हैं। लेकिन अभी इस दिशा में और काम किया जाना बाकी है।
कुल्लू जिले में वर्ष 2022 से लेकर अब तक चार सड़क दुर्घटनाएं लावारिस पशुओं के कारण हुई हैं। इन हादसों में चार लोगों की मौत हुई है। यातायात में बाधा बनने के साथ कई बार बेसहारा पशु हादसे की भी वजह बन रहे हैं।
- संजीव चौहान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू
लावारिस पशुओं के गले में लगाई रेडियम पट्टी
लावारिस पशुओं को सड़क हादसों से बचाने के लिए गो रक्षा दल सक्रिय हैं। उनकी ओर से शहर के आसपास के करीब 100 से अधिक लावारिस पशुओं के गले में रेडियम पट्टी लगाई गई है। रेडियम पट्टी रात को वाहनों की रोशनी से अंधेरे में चमकती दिख जाती है, जिससे पशु वाहनों की चपेट में आने से बच जाते हैं।
सरवरी में बस स्टैंड के बाहर लावारिस पशु। संवाद