पौधों को बीमारियों से बचाने के लिए बागवानों को विभाग ने दी सलाह
बागवानी विभाग बोला- दवा के छिड़काव से कैंकर रोग से मिलेगा छुटकारा
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिले के अधिकांश इलाकों में सेब सीजन पूरा हो गया है। ऊपरी क्षेत्रों में थोड़ा बहुत सेब का तुड़ान बाकी है। बागवानी विभाग ने बागवानों को सेब के पौधों और बगीचों को बीमारियों से बचाने के लिए काॅपर ऑक्सी क्लोराइड दवा का छिड़काव करने की सलाह दी है।
सेब तुड़ान के दौरान कई पौधों की टहनियां टूट जाती हैं जिससे बीमारी पनपने की आशंका रहती है। इससे बचाव के लिए दवा का छिड़काव आवश्यक है। गौर रहे कि सेब तुड़ान के दौरान कई पेड़ों की शाखाएं टूट जाती हैं। ऐसे में टहनियों पर जख्म होने से कई रोग पेड़ पर पनप जाते हैं। लिहाजा, बागवानोें को समय रहते उन क्षेत्रों में स्प्रे करनी चाहिए,जहां पर तुड़ान समाप्त हो गया है।
घाटी के बागवान अमित, चमन, कर्मचंद, रामनाथ, जयचंद, प्रताप पठानिया और देव राज नेगी आदि ने बताया कि सेब तुड़ान अंतिम चरणों में पहुंच गया है। बगीचों में लेट पकने वाली सेब वैरायटी का तुड़ान चल रहा है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक सेब तुड़ान खत्म हो जाएगा। बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग के प्रभारी डाॅ. जोगिंद्र सिंह ने कहा कि जिन बगीचों में बागवानों ने सेब का तुड़ान समाप्त कर दिया है, वहां काॅपर ऑक्सी क्लोराइड 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर बगीचों में छिड़काव समय रहते करें। उन्होंने कहा कि इससे कैंकर और अन्य बीमारी से निजात मिल जाएगी।