बजट को लेकर देखने को मिली अलग-अलग प्रतिक्रिया
कैंसर से जुड़ी दवाएं सस्ती होने से राहत, युवाओं के हाथ खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किया केंद्रीय बजट किसी को रास आया तो कोई इस बजट से निराश नजर आया। बजट को लेकर हर वर्ग के लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिली।
युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा न होने से उनमें नाराजगी नजर आई। हालांकि महिलाओं के लिए शी-मार्ट स्वरोजगार का साधन बनेंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना भी कारगर साबित होगी। कैंसर से जुड़ी 17 दवाइयां सस्ती होने से लोगों को फायदा मिलेगा। सात गंभीर बीमारियों की दवाइयां भी होगी सस्ती ।
केंद्रीय बजट पेंशनरों और नौकरी पेशा लोगों के लिए निराशाजनक है। न तो बजट में आयकर सीमा बढ़ी और न ही पेंशन कम्युटेशन की रिकवरी को 15 साल से घटाकर 12 साल किया गया। जबकि सुप्रीम कोर्ट इस बाबत पहले ही आदेश पारित का चुका है। केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल सरकार की अनावश्यक रूप से रोकी गई आर्थिक सहायता को तत्काल बहाल किया जाए।
एल,आर, गुलशन, प्रदेशाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संघ।
यह बजट पहली नजर में कॉरपोरेट हितेषी लगता है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास केंद्रित है। केंद्र और राज्य संबंधों पर भी दरारें बढ़ने की संभवना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के संदर्भ में कोई भी विशेष प्रावधान नहीं दिखते। ऐसे में आम जनता व गावों तथा खेती विरोधी कॉरपोरेट हित पोशाक बजट ही लगता है। गुमान सिंह, संयोजक हिमालय नीति अभियान
कर्मचारियों को कुछ खास नहीं मिलाकर्मचारियों को केंद्र सरकार के इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव होने की उम्मीद थी लेकिन किसी तरह का स्लैब नहीं बदला गया है। जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है उस आधार पर इनकम टैक्स स्लैब की बदलता रहना चाहिए। ऐसे में कर्मचारियों को इस बजट में निराशा हाथ लगी है।
संजीव भारद्वाज, जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश मुख्य सलाहकार अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ।
बजट में कई दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाने का फैसला सराहनीय है। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर से बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटने से कैंसर मरीजों के लिए महंगी दवाएं सस्ती हो जाएंगी। 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं में छूट का लोगों को फायदा मिलेगा। ।
शुभम चौहान, भाजयुमो, नग्गर मंडल अध्यक्ष।
केंद्रीय बजट में युवा वर्ग के लिए कुछ नहीं मिला है। युवाओं ने सरकार के इस बजट से काफी उम्मदें लगा रखी थी कि उनके लिए रोजगार प्रदान करने वाली योजनाएं लाई जाएगी और बजट में इसके लिए कुछ भी प्रावधान नहीं किया गया। सिर्फ सहासिक पर्यटन में युवाओं को प्रशिक्षित करने की बात की गई है परंतु इसके अलावा कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई जिससे युवाओं को फायदा हो।
प्रकाश सिंह बादल, युवा
केंद्र सरकार के बजट से प्रदेश के किसानों को काफी उम्मीदें थी कि किसान सम्मान निधि के साथ विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी में बढौतरी होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। किसानों के लिए कृषि उपकरणों पर सब्सिडी बढ़ाने की मंशा भी अधूरी रह गई।
बुध राम, किसान