मजबूरन अस्पताल में ही करना पड़ रहा कूड़ा डंप
प्रशासन से निष्पादन का हल निकालने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन के लिए ठोस कचरे का निष्पादन करना आफत बन गया है। अस्पताल से रोजाना 450 से 500 किलोग्राम ठोस कचरा निकलता है। पहले इस कूड़े-कचरे को निष्पादन के लिए मनाली स्थित रांगडी कूड़ा संयंत्र केंद्र भेजा जाता था, लेकिन नगर परिषद मनाली के कूड़ा न लेने के फरमान के बाद कूड़े का निष्पादन करना अस्पताल प्रबंधन के लिए समस्या बन गया है। मजबूरन अस्पताल से निकलने वाला ठोस कूड़ा परिसर में ही डंप करना पड़ रहा है। अगर जल्द समस्या का हल नहीं निकल पाया तो अस्पताल में आने वाले इंडोर और आउटडोर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तीन तरह का कूड़ा निकलता है। इसमें मेडिकल वेस्ट, गीला और ठोस कूड़ा शामिल है। मेडिकल वेस्ट को देहरा भेजा जाता है जबकि गीले कूड़े का निष्पादन नगर परिषद कुल्लू के साथ मिलकर किया जा रहा है, लेकिन ठोस कूड़ा रांगड़ी न जाने से समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने जिला प्रशासन और नगर परिषद कुल्लू से कूड़ा निष्पादन संबंधी समस्या का हल निकालने की अपील की है। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि 15 जुलाई से ठोस कचरा रांगड़ी कूड़ा संयंत्र केंद्र नहीं जा रहा है। अस्पताल में ही मजबूरन ठोस कचरा डंप करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद मनाली से भी अस्पताल का ठोस कचरा मरीजों के हितों को देखते हुए स्वीकार करने की अपील गई है।
अस्पताल गीले कचरे का खुद करेगा निष्पादन
क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन गीले कचरे का निष्पादन खुद करेगा। इसके लिए अस्पताल परिसर में कूड़ा संयंत्र केंंद्र स्थापित किया जा रहा है। अस्पताल से निकलने वाले गीले कूड़े से केंद्र में खाद तैयार की जाएगी। इससे कचरा प्रबंधन संबंधी समस्या भी हल होगी और किसानों-बागवानों के लिए खाद भी तैयार होगी।