खराहल (कुल्लू)। खराहल घाटी की बंदल पंचायत में खेतों की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की जांच की जाएगी। कृषि विभाग ने पंचायत क्षेत्र से 50 से अधिक मिट्टी के नमूने एकत्र किए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
बुधवार को खेत बचाओ अभियान के तहत बंदल गांव में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा और कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती और मिट्टी संरक्षण के महत्व से अवगत कराया।
कृषि विकास अधिकारी नग्गर खंड डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि आतमा परियोजना के तहत 1 से 30 जून तक ‘स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान और समृद्ध भारत’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान मिट्टी के नमूनों की जांच के साथ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से कई क्षेत्रों में मिट्टी सख्त होती जा रही है, जिससे उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। किसानों को रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग कर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना चाहिए।
शिविर के दौरान 59 किसानों को मक्की की उन्नत किस्म का बीज भी वितरित किया गया। बंदल पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान बलदेव राज और उपप्रधान दीनदयाल ठाकुर ने कृषि विभाग का आभार व्यक्त किया। किसानों तुलसी राम ठाकुर, चंदे राम और अनूप सिंह ने कहा कि ऐसे शिविर खेती से जुड़ी नई जानकारी देने में सहायक साबित होते हैं।