शिंकुला दर्रे से पागल नाले तक कई सड़कें बंद, बर्फबारी से ठिठुरे लोग, फसलें और ट्रैफिक दोनों फंसे
उदयपुर–किलाड़ और मनाली–लेह मार्ग ठप, बीआरओ और पीडब्ल्यूडी के लिए बनी चुनौती
घाटी में पड़ रही ठंड ने बढ़ाईं मुश्किलें, गर्म कपड़ों के साथ लोग घरों में दुबकने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग/कोकसर (लाहौल-स्पीति)। जिले में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश और ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी से जनजीवन थम गया है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण शिंकुला, उदयपुर-किलाड़, ग्रांफू-लोसर और मनाली-लेह जैसे महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गए हैं।
घाटी में कड़ाके की ठंड लौट आई है। खेतों और फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। दारचा-शिंकुला-पदम सड़क बंद हो गया है। उदयपुर-किलाड़ मार्ग दारेड़ नाले में बाढ़ आने से ठप है। पागल नाले में बाढ़ आने से मनाली-लेह हाईवे भी अवरुद्ध हो गया है।
उधर, घाटी में बारिश का कहर जारी है। चंद्रा घाटी के कोकसर, तेलिंग, पागल नाला में बाढ़ आने से यातायात बाधित हुआ है। कोकसर के डिंफुक नाले में कुछ दिन पहले बाढ़ आने से पुल के नीचे बड़े पत्थर फंसने से मलबा पुल के ऊपर से बहने लगा है। यही हाल कोकसर पंचायत के तेलिंग नाले का भी है। कलवर्ट बंद होने से बाढ़ का पानी सड़क के चारों ओर फैल गया है। वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है।
बारिश का असर किसानों की नगदी फसलों पर भी पड़ने लगा है। बारिश के कारण यातायात बाधित हो रहा है। मंडियों में समय पर गाड़ियां नहीं पहुंचने से किसानों को नगदी फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। घाटी में भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन ने सोमवार को उदयपुर और केलांग खंड के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखे। प्रशासन ने यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति देखकर यात्रा करने को कहा है।