मनाली/कल्लू। जिला कुल्लू में मौसम फिर बदल गया है। बुधवार शाम को मनाली के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी शुरू हुई। जबकिं मनाली शहर के साथ जिला के निचले इलाकों में गरज के साथ बारिश शुरू हो गई है। जलोड़ी दर्रा, सोलंगनाला, साउथ पोर्टल व कोठी आदि इलाकों में बर्फ के फाहे गिरने से शीतलहर के समूची घाटी में कड़ाके की ठंड बढ़ गई और लोग घरों में दुबकने को मजबूर है।
उधर, शिवरात्रि के मौके पर औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 फोर बाई फोर वाहनों के लिए बहाल नहीं हो पाया। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ मनाली, बंजार, मणिकर्ण व भुंतर आदि इलाकों में नौकरी पेशा व अन्य लोगों को घर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। बुधवार काे भी करीब 50 से अधिक लाेग सोझा से लेकर खनाग तक बर्फ में आठ किमी का पैदल सफर कर पहुंचे।
पिछले छह दिनों में करीब 350 लोग जलोड़ी दर्रा के पैदल आरपार हुए हैं। वहीं जिला कुल्लू में 24 सड़कों पर यातायात ठप है। कुल्लू में सबसे अधिक दस सड़कों पर आवाजाही ठप है। मनाली में नौ, बंजार में तीन और आनी-निरमंड में दो सड़कें बंद हैं।
लाहौल में 135 सड़कें नहीं हो पाईं बहाल
जनजातीय क्षेत्र लाहौल में 135 के करीब सड़कें बंद हैं। मयाड़ घाटी सहित कई इलाकों में छह दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। जिला प्रशासन ने पर्यटकों से मौसम की स्थिति को देखकर ही यात्रा करने की अपील की है। एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि मौसम खराब चल रहा है ऐसे में लोग बर्फीलें इलाकों में आवाजाही ने करें, क्याेंकि भारी बर्फबारी से हिमखंड का खतरा बना हुआ है।