लारजी (कुल्लू)। सैंज घाटी की ग्राम पंचायत कनौन के ग्रामीणों की पीठ से बोझा नहीं उतर रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग को सड़क बनाने के लिए 2020 में अपनी जमीन गिफ्ट डीड दी है। बावजूद विभाग पांच सालों में महज एक किलोमीटर सड़क का ही निर्माण कर पाया है। बरमाड़ी-क्लीउन सड़क न बनने से ग्रामीण रोजाना दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आधुनिक युग में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा न होने से उन्हें रोजाना अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की अर्थव्यवस्था अधिकतर कृषि और बागवानी पर निर्भर है। सड़क न होने की वजह से फसल मंडियों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
इससे किसानों और बागवानों को सीधा नुकसान हो रहा है। इस सड़क से बरमाड़ी, देहुरी, शाड़, जउल, क्लीउन सहित आसपास के कई गांवों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि लंबित सड़क कार्य को गति दी जाए। निर्माण में आ रही अड़चनों को चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधा मिल सके। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता पंकज ने कहा कि बरमाड़ी-क्लीउन सड़क के निर्माण में वन विभाग की भूमि भी लगेगी। इसके लिए एफसीए की प्रक्रिया जारी है।
...
लोक निर्माण विभाग को पांच साल पहले भूमि दान की है। बावजूद सड़क का निर्माण केवल एक किलोमीटर ही हुआ है। इसके कारण कनौन पंचायत की आबादी को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है।
-मनीष, स्थानीय निवासी
...
सड़क जीवन का आधार है, लेकिन बरमाड़ी-क्लीउन सड़क का निर्माण न होना ग्रामीणों के लिए परेशानी बना हुआ है। पंचायत की 95 फीसदी आबादी कृषि-बागवानी से जुड़ी है। सड़क न होने से किसानों-बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-लालचंद, स्थानीय निवासी
000