उप तहसील सैंज की शांघड़ पंचायत का गांव बागीशियाड़ी शनिवार को देवता जगथम ऋषि के जयकारों के उद्घोष से गूंज उठा। पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए देवता जगथम ऋषि के चार साल बाद अष्टधातु के मोहरे स्थापित किए गए। देवता के आदेश के बाद चांदी के मोहरों को हटाकर देवरथ में अष्टधातु के मोहरों को स्थापित किया गया।
देव परंपरा का विधिविधान के साथ निर्वहन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। देवता के कारदार दीप चंद ने बताया कि देवता ने चांदी के मोहरों को बदलने के आदेश दिए थे। देवता के दिए हुए आदेशों का पालन करते हुए शनिवार को रथ में अष्टधातु के मोहरों को स्थापित किया गया है। देवता के गूर ज्ञान सिंह ने कहा कि जगथम ऋषि ने पुरानी प्रथाओं के निर्वहन करने को कहा है। अगर क्षेत्र के लोग इनका उल्लंघन करेंगे तो उन्हें इसके परिणाम भी भुगतने होंगे। धार्मिक आयोजन में सैकड़ों लोग पहुंचे।