मणिकर्ण घाटी की पीणी पंचायत की जनता को जान जोखिम में डाल कर शारनी पुल के गड्ढों से गुजरना पड़ रहा है। शारनी में लकड़ी के पुल को उखाड़कर लगे नए पुल का काम करने वाला ठेकेदार छह महीनों से गायब है। जिससे पुल के दोनों ओर गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
इन गड्ढ़ों को पिछले करीब छह माह से नहीं भरा गया है। मजबूरन पीणी पंचायत के भेगटा, फलाटी, कसलादी, कजियारी, शाइटा, टिक्कर, मोरज, बणाशा और डनाली आदि गांवों को जान जोखिम में डाल कर इन गड्ढ़ों को पार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं इन गहरे गड्ढों में गिरने से करीब दो माह पहले दो दर्जन बकरियों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन फिर भी इस पुल के आधे अधूरे काम को पूरा करने के लिए अभी तक कोई पहल नहीं की गई है। जिसको लेकर पीणी पंचायत की जनता में भारी रोष है।
पीणी के परस राम, हीरा लाल, दुनी चंद, डुगलू राम और ख्याली ने कहा कि शारनी में लकड़ी का पुल सड़कर खराब हो गया था। जिसके बाद यहां पर नया पुल लगाया गया। पुल का काम पूरा होने के बाद पिछले छह महीनों से गहरे गड्ढ़ों को नहीं भरा जा रहा है। इस संबंध में पिछली पंचायत से भी शिकायत की गई थी। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि पुल के दोनों ओर गहरे गड्ढ़े हादसों को न्योता दे रहे हैं। ऐसे में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने में आगे आना चाहिए। उधर इस मामले को लेकर बरशैणी वार्ड के जिला परिषद सदस्य टेक चंद ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। ठेकेदार को काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।