स्वास्थ्य विभाग ने की रोग से निपटने की तैयारी, लिए जाएंगे सैंपल
खंड चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में मरीज स्क्रब टायफस की चपेट में न आएं, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों में स्क्रब टायफस के लक्षण दिखने पर सैंपल लिए जाएंगे, ताकि समय पर मरीज का उपचार शुरू किया जा सके। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जिले में अभी स्क्रब टायफस के मामले नहीं आए हैं। बावजूद विभाग ने एहतियातन अलर्ट जारी कर दिया है। मरीजों की सैंपलिंग भी आरंभ कर दी है।
उपचार करवाने आए मरीज में अगर हल्के लक्षण दिखते हैं, तो चिकित्सकीय सलाह पर मरीज की सैंपलिंग की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जाएगा, ताकि स्क्रब टायफस का संक्रमण न फैले। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां कर दी हैं। जिले के बड़े अस्पतालों की सरकारी और पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर चल रही क्रस्ना प्रयोगशाला में मरीजों की सैंपलिंग होगी।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि स्क्रब टायफस से बचाव के लिए लक्षण दिखते ही मरीज के सैंपल लिए जाएंगे। इससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा और मरीज का समय पर उपचार भी होगा। कहा कि पांचों स्वास्थ्य खंडों के खंड चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
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ये हैं स्क्रब टायफस के लक्षण
स्क्रब टाइफस संक्रमित मरीज में शुरुआती स्थिति में फ्लू जैसे लक्षण देखे जाते हैं, जिसमें बुखार के साथ ठंड लगना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द का होना शामिल है। समय पर उपचार न किया जाए, तो संक्रमण बढ़ सकता है। संक्रमण की गंभीर स्थिति कोमा और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के जोखिम को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
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कैसे रखें स्वयं को संक्रमण से सुरक्षित
स्क्रब टाइफस संक्रमित कीट चिगर्स के काटने से ही इंसानों में होता है। कोरोना या फ्लू जैसे संक्रमण की तरह इसके एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा नहीं होता है। कुछ सावधानियां बरतकर संक्रमण से बचाव हो सकता है। स्क्रब टाइफस के संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, कीटों से बचाव के उपाय करें। यदि आपको लक्षणों का शक हो, तो तुरंत किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क कर इसका उपचार करें।
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