कुल्लू में एचआईवी से बचाव के लिए अब विशेष जांच की व्यवस्था
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी की जा रही है मरीजों की सैंपलिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। एचआईवी एड्स की रोकथाम को लेकर कुल्लू अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य विभाग ने भीड़भाड़ वाले इलाकों से लेकर गांवों तक विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है जिससे संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उपचार और जागरूकता सुनिश्चित की जा सके।
इसके लिए विशेष जांच की व्यवस्था होगी। रोगियों की पहचान करने और जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंगे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में 358 मरीज इस बीमारी की चपेट में हैं। जागरूकता से मामलों में कमी आंकी गई है। अब जिले में लोगाें को विशेष कार्यक्रमों से जागरूक किया जाएगा। स्क्रीनिंग के जरिये उन्हें बीमारी की चपेट में आने से बचाने का प्रयास होगा।
जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी एड्स की रोकथाम के लिए 57 हॉट-स्पॉट चिह्नित किए हैं। इनमें अत्यधिक भीड़भाड़ वाले और झुग्गी-बस्ती वाले इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में नियमित रूप से एचआईवी की जांच की जाएगी। यह जांच गर्भवती महिलाओं, नशीली दवाओं के आदी लोगों और तपेदिक (टीबी) के मरीजों के ब्लड सैंपल के साथ कई संभावित लोगों के सैंपल लेकर की जाएगी। हालांकि, जिले में विभाग ने एचआईवी एड्स की रोकथाम के लिए 95 फीसदी आबादी की जांच करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग ने शेड्यूल तैयार किया है। बड़े अस्पतालों समेत सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की सैंपलिंग होगी। उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों में एचआईवी एड्स से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ सैंपलिंग अभियान जारी रहेगा। विभाग ने अब हॉट-स्पॉट क्षेत्र चिह्नित कर संभावित लोगों की सैंपलिंग भी शुरू कर दी है। जिले में 358 मरीज संक्रमित हैं।
शहर से गांव तक होगी रोगियों की पहचान
जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों में शहर से लेकर गांव तक एचआईवी एड्स के रोगियों की पहचान करने के लिए स्क्रीनिंग होगी। मरीजों की काउंसिलिंग की भी व्यवस्था है। जिले के तीन एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केंद्र (आईसीटीसी) क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू, नागरिक अस्पताल मनाली और नागरिक अस्पताल निरमंड में भी लोगों की काउंसलिंग और टेस्टिंग जारी है। रोजाना गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य मरीजों और युवाओं की जांच और काउंसलिंग की जा रही है। - डॉ. रणजीत ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू