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कुल्लू में कोरोना से साथ स्क्रब टायफस की दस्तक

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। जिला में कोरोना के साथ स्क्रब टायफस ने दस्तक दे दी है। मनाली उपमंडल में स्क्रब टायफस के तीन मामले सामने आए हैं। हालांकि इनमें से दो ठीक भी हो गए हैं। आम तौर पर बरसात के मौसम में तेज बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। यह बुखार स्क्रब टायफस भी हो सकता है।
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यह रोग एक जीवाणु विशेष (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सु (माइट) के काटने से फैलता है। जो खेतों, झाड़ियों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है। मामले की पुष्टि करते हुए सीएमओ डॉ सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि स्क्रब टायफस में तेज बुखार जो 104 से 105 डिग्री तक जा सकता है। जोड़ों में दर्द व कंपकंपी के साथ बुखार, शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना महसूस होता है, जबकि अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजूओं के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना है। इसकी रोकथाम के लिए शरीर की सफाई का ध्यान रखें। घर तथा आसपास के वातावरण को साफ रखें। घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें। घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। इस बुखार को लोग जोड़-तोड़ बुखार भी कहते हैं। यह रोग एक आदमी से दूसरे को नहीं फैलता। स्क्रब टायफस का इलाज बहुत आसान है। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बुखार कैसा भी हो नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। कहा कि खेतों व झाड़ियों में काम करते समय पूरा शरीर (खासकर टांगें, पांव और बाजू) ढककर रखे।
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