कुल्लू। विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति जानने के लिए अब औचक निरीक्षण किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए योजना तैयार की है।
इसके तहत योजनाबद्ध तरीके से विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति से लेकर पढ़ाई की गुणवत्ता तक की जांच की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति देखी जाएगी। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, कक्षाओं का संचालन, समय-सारिणी का पालन और शिक्षण कार्य की स्थिति भी जांची जाएगी। विद्यार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई और विद्यालय की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों में पढ़ने और सीखने की क्षमता को भी परखा जाएगा।
विद्यालयों में शैक्षणिक और खेल गतिविधियों के साथ प्रयोगशाला, कक्षाओं और मिड-डे मील की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया जाएगा। पेयजल, शौचालय, बिजली, कक्षाओं की साफ-सफाई, फर्नीचर और परिसर की स्वच्छता सहित विद्यार्थियों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी जाएगी।
इसके अलावा विद्यालय के विभिन्न रजिस्टर और रिकॉर्ड भी जांचे जाएंगे। इनमें उपस्थिति रजिस्टर, प्रवेश एवं नामांकन संबंधी रिकॉर्ड, परीक्षा परिणाम, विद्यालय विकास से संबंधित अभिलेख और विभागीय निर्देशों के अनुपालन से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में नियमित रूप से बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना, कमियों की पहचान करना और आवश्यक सुधार के लिए दिशा-निर्देश देना है। सुरेश कुमार शर्मा, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा, कुल्लू