पांच मकान करवाएं खाली, सुरक्षित जगह भेजे 63 लोग
सोलंग घाटी का पलचान गांव खतरे की जद में आ गया है। 25 जुलाई को बादल फटने की घटना के बाद शनिवार को बारिश होने से सरेही नाला उफान पर है। इससे ब्यास का भी जलस्तर बढ़ गया है। पानी का रुख गांव की ओर मुड़ने से खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने पांच मकानों में रह रहे लगभग 63 लोग सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिए है। मकानों को खाली करवा दिया गया है। पांच मकानों के अलावा एक निर्माणाधीन मकान और एक दुकान भी खतरे की जद में आ गई है। प्रशासन ने ब्यास का रुख मोड़ने के लिए बिजली परियोजना की मशीनरी लगाई है। सरेही नाला में बादल फटने से पलचान में भारी नुकसान हुआ है। दो दिन पानी घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। शनिवार शाम बारिश के बाद फिर नाला उफान पर है। नाले का पानी ब्यास में मिलने से ब्यास का जल स्तर बढ़ गया है। इससे बिजली परियोजना के समीप बने पांच मकानों को खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने मकानों में रह रहे लगभग 63 लोग दूसरी जगह शिफ्ट किए हैं। मकानों में रखा सामान भी दूसरी जगह पहुंचाया है। एसडीएम मनाली रमन कुमार शर्मा खुद टीम सहित मौके पर डटे हुए हैं। गांव की तरफ हुए नदी के बहाव को मोड़ने के लिए परियोजना की मशीनरी लगाई गई है। एसडीएम रमन कुमार शर्मा ने कहा कि सभी लोग दूसरे घरों में शिफ्ट हो गए हैं। पांच मकान, एक निर्माणाधीन मकान और एक दुकान को खतरा बढ़ गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।