सीनियर सेकेंडरी स्कूल सैंज में चल रहीं कॉलेज की कक्षाएं
उच्च शिक्षा के लिए कुल्लू, पनारसा और बंजार जाने को मजूबर
...शिक्षा का हाल....अभियान तीन
हरिराम चौधरी
सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी के उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को नौ वर्षों से सैंज कॉलेज भवन का निर्माण पूरा होने का इंतजार है। सैंज तहसील मुख्यालय में सरकार करीब 12 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस काॅलेज भवन का निर्माण कर रही है, लेकिन नौ सालों से भवन का एक ब्लॉक भी नहीं बन पाया है। सैंज में वर्ष 2016 से काॅलेज शुरू हुआ है लेकिन भवन न होने के कारण कक्षाएं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सैंज के कमरों में चल रही हैं।
करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भवन के निर्माण का टेंडर प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने करवा लिए हैं। शिमला की एक एजेंसी को निर्माण कार्य सौंपा गया है। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने साढ़े चार करोड के बजट के साथ सैंज काॅलेज की घोषणा की थी। भूमि हस्तांतरण और तकनीकी स्वीकृति लेने में काफी समय लगा। दो साल पहले सरकार ने इस काॅलेज के भवन के लिए आठ करोड का अतिरिक्त बजट जारी कर दिया है। सैंज मेला मैदान के पास 38 बीघा की ढलानदार पहाड़ी को समतल कर भवन की नींव तैयार की जा रही है। सैंज काॅलेज में 280 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। फिलहाल अपना भवन और अन्य सुविधाएं न होने से घाटी के सैकड़़ों बच्चे उच्च शिक्षा के लिए 60 किमी दूर कुल्लू, 30 किमी दूर पनारसा और 45 किमी दूर बंजार कॉलेज जाने के लिए मजबूर हैं। काॅलेज प्राचार्य डॉ. सुजाता ने कहा कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों के लिए सैंज काॅलेज में अच्छा प्लेटफाॅर्म मिलेगा। काॅलेज भवन का निर्माण चल रहा है। बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि तमाम औपचारिकताएं पूरी करवाने के बाद काम शुरू करवाया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार बेहतर शिक्षा प्रदान पर बल नहीं दे पा रही है।
शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सुविधाओं के प्रति सरकार कितनी गंभीर है, इस बात का अंदाजा इससे बखूबी लगाया जा सकता है। सरकार व शिक्षा विभाग नौ सालों से सैंज कॉलेज भवन का निर्माण ही पूरा नहीं कर पाए। यह शिक्षा के नाम किसी मजाक से कम नहीं है। -राज कुमार, निवासी सैंज, कुल्लू
सैंज कॉलेज के 12 करोड़ से बनने वाले भवन में विद्यार्थियों को आधुनिक कक्षाएं, मीटिंग हाॅल, कार्यालय, गार्डन, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और खेल मैदान आदि सुविधाएं मिलनी हैं। कॉलेज भवन निर्माण धीमी गति से होने के कारण कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी इन सुविधाओं से महरूम हो रहे हैं। -कल्पना शर्मा, निवासी सैंज, कुल्लू
जमा दो की परीक्षा पास होने के बाद जब कॉलेज में प्रवेश की बारी आती है तो सैंज घाटी के विद्यार्थी सुविधाएं न होने के कारण 60 किमी दूर कुल्लू, 30 किमी दूर पनारसा और 45 किमी दूर बंजार कॉलेज को चुनते हैं। अगर कॉलेज भवन समय पर बन गया हाेता तो उन्हें घर-द्वार पर ही सुविधा मिलती। -देव राज, निवासी चकुरठा, बंजार
सैंज कॉलेज के तहत घाटी की 20 पंचायतों के बच्चों को सुविधा मिलती है लेकिन सरकार और अनदेखी के चलते सैंज के ही बच्चे कुल्लू में क्वार्टर रखकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। सरकार के घर-द्वार बेहतर शिक्षा देने के दावे धरातल पर उतरते नजर नहीं आ रहे हैं। - ओम प्रकाश, निवासी सैंज, कुल्लू
विभाग तेजी से भवन का निर्माण कर रहा है। निर्माण कमेटी का गठन किया गया है और विभाग की निगरानी में कार्य चल रहा है। निर्धारित समय में काम पूरा किया जाएगा। -चमन ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग बंजार