लारजी (कुल्लू)। सैंज घाटी के रैला पाशी के देवता जमदग्नि ऋषि छह दिनों की परिक्रमा के बाद अपने देवालय लौटे हैं। देवता 28 सालों के बाद शैंशर घाटी की परिक्रमा पर निकले थे।
देवता ने शैंशर में देवता मनु ऋषि के साथ भव्य देवमिलन की परंपरा को निभाया। इसके उपरांत देवता तीन दिनों तक तलियारा कोठी में विराजमान रहे। तीन दिनों के बाद देवता जमदग्नि ऋषि महाराज का चेचर नामक स्थान पर गाड़ुआ संपन्न हुआ।
देव परंपराओं का निर्वहन करने के बाद देवता रविवार को वापस अपने देवालय पहुंचे। कारदार चेतराम ने कहा कि देवता जमदग्नि ऋषि ने गूर के माध्यम से आदेश दिया था कि वह शैंशर घाटी की परिक्रमा पर जाएंगे। देव आदेश को मानते हुए हारियानों ने देवता की परिक्रमा को पूर्ण करवाया है।संवाद