नियमों का उल्लंघन करने पर राज्य प्रदूषण बोर्ड ने लगाया 12 लाख रुपये जुर्माना
मढ़ी में एनजीटी के आदेश पर बनी है पर्यटकों के लिए इको फ्रेंडली मार्केट
सीवरेज ट्रीटमेंट बनने के बाद साफ-सुथरा रखने की जगह दूषित हो रहा पर्यटन स्थल
गौरीशंकर
कुल्लू। रोहतांग पास का दीदार करने जाने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए मढ़ी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है। इससे उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र साफ-सुथरा रहेगा और क्षेत्र में घूमने आने वाले सैलानियों को भी स्वच्छ वातावरण मिलेगा, लेकिन यहां परिणाम इससे विपरीत देखने को मिला है। यहां स्थापित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन में कोताही सामने आई है। इसे लेकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त हो गया है और खामियां उजागर होने पर जलशक्ति विभाग को 12 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
दरअसल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कुल्लू के अधिकारियों की एक टीम पर्यटन सीजन के दौरान रोहतांग पास के रास्ते निरीक्षण करने क्षेत्र पहुंची थी और इस दौरान टीम ने मढ़ी में स्थापित इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालन में खामियां पाई थी। इस पर दो बार जल शक्ति विभाग को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था लेकिन विभाग की ओर से संतोषजनक जवाब न आने की सूरत में बोर्ड के कुल्लू स्थित कार्यालय के अधिकारियों ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी।
इस कारण अब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जलशक्ति विभाग पर इस कोताही के लिए 12 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। ऐसे में अब जलशक्ति विभाग को जुर्माना अदा कर इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
एनजीटी के आदेश पर बनी मार्केट
रोहतांग पास जाने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए एनजीटी के आदेश पर मढ़ी में इको फ्रैंडली मार्केट का निर्माण किया गया है। साथ में यहां शौचालय का भी निर्माण किया गया और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है, लेकिन इसके संचालन में कोताही उजागर होने पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त कदम उठाया है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नोटिस मिले हैं और रही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में हुई नियमों की अवहेलना की तो यह प्लांट सिर्फ सीजनली चलता है। इसके चलते इस बार सीजन शुरू करने से पहले ही क्षेत्र में लोगों ने गंदगी फैला दी थी, लेकिन विभाग की ओर से प्लांट को ठीक से चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
अरुण शर्मा, अधिशासी अभियंता जलशक्ति विभाग
मढ़ी में स्थापित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में नियमों का काफी ज्यादा उल्लंघन पाया गया था। इसके चलते राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी और अब इसे लेकर जलशक्ति विभाग को 12 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
-सुनील शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कुल्लू