नप के कूड़ा नहीं लेने के पत्र से कुल्लू-लाहौल में हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। 21 जून से नगर परिषद के दायरे से बाहर का कूड़ा कचरा नहीं लेने के नगर परिषद के तुगलकी फरमान पर बवाल मच गया है। कुल्लू, भुंतर, बंजार समेत लाहौल में भी इस फरमान ने कूड़ा निष्पादन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। होटलियर एसोसिएशन के विरोध के बाद नगर परिषद ने इस मामले पर दोबारा मंथन करने के लिए बैठक बुलाई है। वीरवार को बैठक के बाद इस मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल नगर परिषद के फरमान ने मनाली के होटल संचालकों और ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है।
नगर परिषद मनाली ने कुछ दिन पहले पत्र जारी कर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का कूड़ा नहीं लेने का फरमान जारी किया है। पत्र के अनुसार नगर परिषद ने कुल्लू व भुंतर नगर निकायों के अलावा लाहौल और मनाली के ग्रामीण इलाकों से आने वाले कचरे को निष्पादन के लिए लेने से इंकार कर दिया है। होटलियर एसोसिएशन ने इस मामले पर बैठक में कड़ा विरोध जताया। एसोसिएशन का कहना है कि कूड़ा संयंत्र मनाली के लिए बना है, लिहाजा मनाली से बाहर का कचरा नहीं लिया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने मनाली नगर परिषद के अलावा ग्रामीण इलाकों के होटलों व गांवों से कूड़ा एकत्रित करने का कार्य जारी रखने की अपील की है। वहीं पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मनाली में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही। उधर, नगर परिषद ने भी इस फरमान के बाद चर्चा के लिए बैठक बुलाई है। वीरवार को नगर परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी करुण भरमौरिया ने बताया कि वीरवार को नगर परिषद कि बैठक बुलाई गई है। बैठक में इस संदर्भ में दोबारा चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
कूड़ा संयंत्र केंद्र में नहीं रही जगह
नगर परिषद मनाली का रांगड़ी में बना कूड़ा संयंत्र केंद्र भर गया है। पुराने कचरे को ठिकाने लगाया जा रहा है। लेकिन, दूसरी तरफ नए कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया है। ऐसे में नगर परिषद के सामने भी समस्या है कि कूड़ा निष्पादन कैसे किया जाए। मनाली से बाहर का कूड़ा यूं ही आता रहा तो यहां कूड़े का पहाड़ बढ़ता जाएगा। इससे उठ रही दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सही निष्पादन नहीं होने पर नगर परिषद पर जुर्माना भी लगाया गया है।