कुल्लू। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उचित मूल्य की दुकानों (डिपो) में पिछले चार दिनों से राशन वितरण प्रभावित है। सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण ई-पॉस मशीनें काम नहीं कर रहीं, जिससे उपभोक्ताओं को राशन लेने के लिए रोजाना डिपो के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को हो रही है, जिन्हें मानसून को देखते हुए तीन से चार माह का राशन एक साथ दिया जाना है।
हालांकि, सरकार के निर्देश के बाद कुछ डिपुओं में स्कैनर के माध्यम से राशन वितरण शुरू कर दिया गया है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर तकनीकी दिक्कतें बनी हुई हैं। जून महीना समाप्ति की ओर है, बावजूद कई उपभोक्ता अब तक अपना राशन नहीं ले सके हैं। कुल्लू में करीब 1.16 लाख राशन कार्डधारक हैं।
उपभोक्ता अवधेश कुमार, कुमार सिंह, नीलम और उमा देवी ने बताया कि वे 22 जून से लगातार राशन लेने के लिए डिपो के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन मशीनें बंद होने के कारण राशन नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में डिपो दूर होने के कारण राशन लेने में पूरा दिन लग जाता है। उनका कहना है कि यदि सरकार तकनीक के माध्यम से राशन वितरण कर रही है तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार डिपो के चक्कर न लगाने पड़ें।
खाद्य आपूर्ति विभाग कुल्लू के अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि विभाग ने सभी डिपो संचालकों को स्कैनर के माध्यम से राशन वितरण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।