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Kullu News: सड़कें टूटीं... ढुलाई में जा रही सेब की आधी कमाई

Sun, 21 Sep 2025 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू के लगघाटी में सेब की किलटे लेकर मंडी की और ले जाती महिलाएं।-संवाद
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बंद सड़कों ने तोड़ी बागवानों की कमर, मंडियों में सेब पहुंचाना हो रहा मुश्किल
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बाजार में दाम गिरे, पैदल और स्पेन के सहारे मंडी तक सेब पहुंचाना हुआ महंगा
बलदेव राज
कुल्लू। जिले के बागवान सेब सीजन में खुशियों के बजाय भारी दर्द के बीच फंसे हैं। करीब 100 संपर्क सड़कें एक महीने से बंद होने के कारण बगीचों से मंडियों तक सेब पहुंचाना अब महंगा और मुश्किल हो गया है।
ढुलाई में बढ़े खर्चों ने मेहनत की कमाई आधी कर दी है। बाजार में सेब के दाम भी गिर गए हैं। पैदल और स्पेन के सहारे सेब मंडी तक पहुंचाने का महंगा सफर उम्मीदों को तोड़ रहा है।सेब के कार्टन और क्रेट मंडी तक पहुंचाने के लिए किराया और अन्य खर्चे बागवानों पर भारी पड़ रहे हैं। सेब मंडियों तक पहुंचाने में जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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पार्वती घाटी के पीणी क्षेत्र में शारनी-पीणी सड़क भूस्खलन के चलते बंद है। सेब का कार्टन पहले उठाकर स्पेन तक पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए 100 रुपये प्रति कार्टन देना पड़ रहा है। इसके बाद स्पेन के माध्यम से कार्टन पार्वती नदी के दूसरी तरफ भुंतर-मणिकर्ण सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। स्पेन में 25 रुपये प्रति कार्टन देने के साथ सब्जी मंडी पहुंचाने के लिए 50 रुपये भी बागवानों को देने पड़ रहे हैं। कार्टन मंडी में 800 से 900 रुपये के बीच बिक रहा है। 20 किलो का क्रेट 600 से 800 रुपये के बीच बिक रहा है। बागवानों का प्रति क्रेट या कार्टन पर खर्च 200 से 250 रुपये आ रहा है। यही हाल बंजार और सैंज के दुर्गम क्षेत्रों का है। तीर्थन घाटी की पंचायत शरची, शिल्ली, मशियार और नोहांडा के सैकड़ों बागवानों को दिक्कतें आ रही हैं। शिल्ही पंचायत वाले तुंग के लिए, मशियार वाले दोगड़ा के लिए, नोहांंडा वाले रोपा तक सेब निकाल रहे हैं। प्रति क्रेट बागवानों को 100 रुपये देने पड़ रहे हैं। शरची पंचायत में सेब अभी डंप है। कई इलाकों में नेपाल के मजदूर पीठ पर उठाकर क्रेट मंडी तक ला रहे हैं। उधर, उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि सड़कों की बहाली में तेजी लाई जाए जिससे बागवानों का सेब और नगदी फसलें मंडियों तक पहुंच सकें।


सीजन के समय सड़कें भूस्खलन के कारण बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है। सड़कें ठीक होने की स्थिति में ढुलाई का अतिरिक्त पैसा बागवानों को नहीं देना पड़ता। सेब मंडियों तक पहुंचाने में बागवानों को दिक्कतें आ रही हैं। - ओमप्रकाश, बीडीसी सदस्य पीणी, कुल्लू
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मंडियों में सेब के दाम आपदा के बाद गिरे हुए हैं। ऐसे में बागवानों पर दोहरी मार पड़ी है। जेब ढीली कर बागवान सेब मंडी में पहुंचा रहे हैं तो दाम कम मिलने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। बंद सड़कों की बहाली का कार्य तेज किया जाए। - चमन लाल, कुल्लू
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