सैंज (कुल्लू)। ग्राम पंचायत रैला-दो में 19 सितंबर को पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-दो के एडिट-5 से हुए भारी जल रिसाव के कारण सियुंड-रैला-कमटन सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
छह दिन से सड़क बंद होने से बागवानों, दूध उत्पादकों, टैक्सी संचालकों और होमस्टे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। भाटकंडा में सेब के करीब दो हजार कार्टन फंसे हैं। सड़क बंद होने से बंदगोभी और फ्रांसबीन के भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
वहीं, रैला के शारन, कमटन, गोरण, शारंधार, भाटकंडा, सैंधारन, गलू भूपन, विडा भूपन, सारी और मझग्रां क्षेत्रों से रोजाना करीब एक हजार लीटर दूध बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे करीब 40 हजार रुपये का दैनिक नुकसान बताया गया है।
रैला-दो पंचायत के सैकड़ों स्कूली बच्चे भी पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। सड़क बंद होने से नौ टैक्सी संचालकों का 27 हजार रुपये प्रतिदिन नुकसान दर्ज है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से सड़क जल्द बहाल करने तथा फंसे सेब, दूध और सब्जियों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है।
भाटकंडा में सेब की फसल फंसी है। सड़क छह दिन से बंद होने के कारण इसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को शीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए। -कृष्ण धामी, रैला निवासी
पालचरा में परियोजना लीकेज के बाद करीब 50 मीटर सड़क बंद है। इसी खतरनाक रास्ते से सैकड़ों स्कूली बच्चे रोजाना सुबह-शाम आवाजाही कर रहे हैं। प्रशासन को समय रहते कदम उठाना चाहिए। -योज राज धामी, रैला निवासी
रैला-दो की सड़क पालचरा के समीप छह दिन से बंद होने के कारण पंचायत की सैकड़ों महिलाओं का दूध बाजार तक पहुंचना बंद है। इससे उनकी आमदनी प्रभावित हो रही है। -निर्मला देवी, सचिव, आशापुरी भगवती दुग्ध सभा
सड़क बंद होने से रैला-दो के दर्जनों टैक्सी चालकों और होमस्टे संचालकों को नुकसान हो रहा है। पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर असर पड़ा है। सड़क जल्द बहाल की जाए। -तारा देवी, पर्यटन कारोबारी, रैला निवासी
प्रशासन की ओर से एनएचपीसी, प्रभावित परिवारों और उनके जनप्रतिनिधियों के साथ 28 सितंबर को 16 सूत्री मांगपत्र को लेकर बैठक बुलाई गई है। लोगों की समस्याओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उम्मीद है कि इस बैठक के बाद सड़क बहाल हो जाएगी। पंकज शर्मा, एसडीएम बंजार