सैंज-लारजी मार्ग पर पागलनाला में आए मलबे में फंसा वाहन।
- फोटो : Kullu
सैंज (कुल्लू)। लारजी-सैंज सड़क पर पागलनाला ने सैंज घाटी की रफ्तार फिर रोक दी। तलाड़ा के पास पागलनाले में भारी मलबा आने से वीरवार को भी यातायात चार घंटे बंद रहा। इससे पहले बुधवार रात भी मार्ग करीब पांच घंटे तक बंद रहा।
रात 11 बजे मार्ग खुलने के बाद फंसे लोग अपने घर पहुंचे। सैंज घाटी की 15 पंचायतों के लिए पागलनाला परेशानी बन रहा है। सड़क पर वीरवर दोपहर फिर मलबा आ गया। लोक निर्माण विभाग की मशीन को मलबा हटाने के लिए लगाया गया। पिछले दो दिनों तक लगातार बारिश से सैंज घाटी में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सैंज-न्यूली, सैंज-धाउगी, सैंज-देहूरी और सैंज-कनौन सड़कों पर भी इस दौरान बसें समय पर नहीं चल पाई। कई पैदल रास्ते भी मलबा गिरने से बाधित हुए। लारजी-सैंज सड़क बंद रहने से पागलनाला के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। कई लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ा। वीरवार को आवाजाही करने वाले कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सैंज घाटी के दीपक, ऐले राम और सेस राम ने कहा कि पागलनाला बंद होने से उन्हें हर बार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को इस नाले पर या तो पुल बनवाना चाहिए या वैकल्पिक सड़क की व्यवस्था करनी चाहिए। रोशन लाल, विद्या प्रकाश नेगी, महेंद्र सिंह, मोती राम, पूर्ण चंद और प्रेम सिंह ने कहा कि पागलनाला में मलबा आने से वे कड़ाके की ठंड में चार घंटे तक ठिठुरते रहे और देर रात मलबा हटाने के बाद वे घर पहुंचे। लोक निर्माण विभाग बंजार के अधिशासी अभियंता चमन लाल ने कहा कि पागलनाला में मलबा हटाने के लिए मशीन और मजदूर लगाए हुए हैं। लगातार बारिश होने से नाले में मलबा आ रहा है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने ग्रामीणों को नदी-नाले और भूस्खलन के संभावित क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बारिश और बर्फबारी में पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में ग्रामीणों को सावधानी बरतनी चाहिए।